-बेहतर रोगी देखभाल के लिए एडवांस बोन हेल्थ मशीन का उद्घाटन

सेहत टाइम्स
लखनऊ। एसजीपीजीआईएमएस के एडवांस डायबिटिक सेंटर में हड्डियों की मजबूती और समग्र अस्थि स्वास्थ्य की जांच के लिए एक नई मशीन स्थापित की गई है। संस्थान के निदेशक, पद्मश्री प्रोफेसर आर के धीमन ने 29 अगस्त को एडवांस डायबिटीज सेंटर (एडीसी) भवन की चौथी मंजिल पर स्थापित डुअल-एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पियोमेट्री (डीएक्सए) मशीन (मॉडल होराइजन) का उद्घाटन किया।
इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए निदेशक ने कहा कि इससे ऑस्टियोपोरोसिस (कमजोर हड्डियाँ) और हड्डियों से संबंधित अन्य समस्याओं का शीघ्र निदान करने में मदद मिलेगी, ताकि समय पर उपचार शुरू हो सके। उन्होंने कहा, “इस उन्नत निदान उपकरण का उपयोग रोगी देखभाल और अनुसंधान, दोनों के लिए किया जाएगा, जिसमें ऑस्टियोपोरोसिस और अन्य मेटाबॉलिक अस्थि रोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।”
ऑस्टियोपोरोसिस एक सामान्य स्थिति है, जिसमें हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और अक्सर बिना किसी चेतावनी के आसानी से टूट जाती हैं। भारत में ऑस्टियोपोरोसिस की व्यापकता क्षेत्र, आयु वर्ग और अध्ययन की गई जनसंख्या के अनुसार भिन्न होती है। कुल मिलाकर, लगभग 18-20% भारतीय वयस्कों को ऑस्टियोपोरोसिस है, और रजोनिवृत्ति के बाद की एक-तिहाई महिलाएँ इससे प्रभावित होती हैं।
नई मशीन हड्डियों की मज़बूती, भविष्य में फ्रैक्चर के जोखिम और यहाँ तक कि शरीर में वसा और मांसपेशियों की मात्रा भी माप सकती है। यह न केवल बुजुर्गों के लिए, बल्कि बच्चों, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं और मधुमेह व हार्मोनल विकारों जैसी लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए भी उपयोगी है। DEXA मशीन रीढ़ की हड्डी में छिपे हुए फ्रैक्चर का भी पता लगा सकती है, हड्डियों की गुणवत्ता की जाँच कर सकती है और कूल्हे के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दे सकती है, जो वृद्ध लोगों में गंभीर फ्रैक्चर का सबसे आम कारण है। ये परीक्षण डॉक्टरों को सटीक उपचार योजनाएँ बनाने, दिव्यांगता को रोकने और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेंगे।
एक DEXA मशीन एक्स-रे की तुलना में बहुत कम विकिरण के साथ हड्डी की ताकत (अस्थि खनिज घनत्व – BMD) को मापने में मदद करती है। यह सटीक रिपोर्ट देती है और यह बच्चों में ओस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा जैसी दुर्लभ हड्डी की स्थिति का पता लगाने के लिए भी उपयोगी है। यह SGPGIMS में अपनी तरह की दूसरी DEXA मशीन है। पहली मशीन 1997 में स्थापित की गई थी। हड्डी के स्वास्थ्य की जांच की आवश्यकता वाले रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण नई मशीन आवश्यक थी। इस सुविधा के साथ, उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोग अब हड्डी के स्वास्थ्य के लिए सबसे आधुनिक तकनीकों से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह मशीन एसजीपीजीआई में महत्वपूर्ण शोध कार्यों में भी सहायक होगी जिससे भविष्य में मरीजों को लाभ होगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता, एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति दबडगांव, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुभाष यादव, अन्य संकाय सदस्य डॉ. अंबिका टंडन, डॉ. विभूति मोहंता, बायो स्टैटिस्टिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. उत्तम सिंह और सामग्री प्रबंधन विभाग के संयुक्त निदेशक प्रकाश सिंह उपस्थित थे।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times