Friday , September 30 2022

सामाजिक समरसता का बेहतरीन उदाहरण है चिकित्‍सा पेशा

सामाजिक समरसता एवं आरोग्य विषय पर एक संगोष्ठी

 

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कलाम सेंटर में केजीएमयू इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल सांइसेज एवं आरोग्य भारती, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में सामाजिक समरसता एवं आरोग्य विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

 

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ अशोक वार्ष्‍णेय ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने प्रबोधन में कुलपति ने कहा कि जोश और करुणा के बगैर किया गया कोई भी कार्य व्यर्थ जाता है। उन्होंने चिकित्सा पेशे को सामाजिक समरसता का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि एक चिकित्सक किसी मरीज का इलाज करते हुए उसकी जाति, धर्म को पूछे बगैर उसका इलाज करता है।

कुलपति ने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए ही आरोग्य भारती की स्थापनाकी गई और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति लोगों को जागरुक करने के साथ ही इसमें नित नए कार्यक्रम शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए सामाजिक समरसता बेहद जरुरी है, इसके बगैर स्वस्थ राष्ट्र की कल्पना नामुमकिन है।

 

इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ अशोक वार्ष्‍णेय ने कहा कि सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए सकारात्मक विचारों का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की विशेषता को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे उसके भीतर मौजूद गुण समाज के सामने आएं और उसके द्वारा राष्ट्र हित के कार्य किए जाएं।

 

डॉ अशोक वार्ष्‍णेय ने कहा कि आरोग्य भारती का मुख्य लक्ष्य ही स्वयं स्वस्थ रहकर, समाज को स्वस्थ रखना और इसके द्वारा सामाजिक समरसता को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के द्वारा हम एक दूसरे का साथ देते हुए ही राष्ट्र के विकास में सहभागी हो सकते हैं।

 

इस संगोष्ठी में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बीएन सिंह, प्रांत सचिव एवं आयुर्वेदाचार्य डॉ अभय नारायण तिवारी, पैरामेडिकल के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद जैन, ट्रॉमा सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप तिवारी, कोषाध्यक्ष डॉ कौशल किशोर अग्रवाल, डॉ अनुरुद्ध वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।