कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाली टीम संक्रमण के मुहाने पर

-बछरावां में एल-1 चिकित्‍सालय के कोरोना वारियर्स को उचित व्‍यवस्‍था देने की सीएमओ से गुहार
-आश्रम पद्धति विद्यालय को बनाया गया है एल-1 चिकित्‍सालय, वहीं पर ठहराया गया है ड्यूटी करने वाली मेडिकल टीम को
यह है डॉक्टरों का बिस्तंर और रात का भोजन

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। रायबरेली के बछरावां में बने एल-1 चिकित्सालय में कोविड-19 संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए ड्यूटी करने वाले चिकित्‍सक व अन्‍य चिकित्सा कर्मी दुर्व्यवस्थाओं के बीच रहने पर मजबूर हैं, इन कोविड-19 वारियर्स ने अपनी व्‍यथा पत्र के माध्‍यम से व्‍यक्‍त की है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश रायबरेली शाखा के अध्‍यक्ष राजेश कुमार सिंह ने इस संबंध में रायबरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर उचित व्यवस्था कराने की मांग की है।

देखें वीडियो – बछरावां (रायबरेली) के एल-1 अस्‍पताल की कहानी, कोरोना वारियर की जुबानी

पत्र के अनुसार ड्यूटी पर कार्यरत चिकित्साकर्मी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की देखभाल में लगे हुए हैं। इन कर्मियों का कहना है कि वे लोग 21 अप्रैल शाम 7:00 बजे जब आश्रम पद्धति विद्यालय पहुंचे तो देखा कि उनके रहने की व्यवस्था मानक अनुसार नहीं है। आपको बता दें कि आश्रम पद्धति स्कूल रैन बछरावां रायबरेली में L 1 हॉस्पिटल बनाया गया है तथा उसी स्कूल में चिकित्सक व चिकित्सा कर्मचारियों के रहने की व्‍यवस्था भी की गयी है।

इन कोविड-19 वारियर्स का कहना है कि यहां न तो चालू हालत में शौचालय और स्नानघर है न ही स्वच्छ पीने के पानी की ढंग की व्यवस्था। इन लोगों का कहना है कि एक क्‍लास रूम में चार लोगों को रखा गया है, टेंट हाउस वाली चारपाइयां दी गयी हैं, फर्श केे गड्ढे छिपाने के लिए नीचे दरी बिछी है, इसके कारण चार-चार घंटे पर सेनिटाइजेशन करने के मानक नहीं पूरे हो सकते हैं। रात में लाइट चली गयी तो बिना पंखे के ऐसे ही रहने की मजबूरी है।

ये है चोक शौचालय

इन लोगों का यह भी कहना है कि हम लोगों को जो पीपीई किट दी गई है वह भी मानक के अनुसार नहीं है।  उन्होंने मांग की है कि उन्‍हें इंफेक्शन से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध किया जाए। इन सभी बातों को लेकर जब इन लोगों ने इस व्‍यवस्‍था को कराने वाले अधिकारी से सम्‍पर्क किया तो उन्‍होंने कहा कि इससे ज्‍यादा व्‍यवस्‍था नहीं हो सकती है।