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दौडि़ये और पसीना बहाइये, क्‍योंकि यह दिल का मामला है…

-संजय गांधी पीजीआई में विश्‍व हृदय दिवस के मौके पर वॉकाथॉन का आयोजन

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। दिल का दौरा और हाई ब्‍लड प्रेशर सहित हृदय रोग विश्‍व स्‍तर पर मृत्‍यु का सबसे आम कारण हैं। जबकि भारत के परिप्रेक्ष्‍य में देखा जाये तो यहां विशेष रूप से युवा आबादी में बढ़ते हृदय रोग चिंता बढ़ाने वाले हैं। हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को लोग अपने आहार, व्‍यवहार में परिवर्तन लाकर रोक सकते हैं। जिन बातों का ध्‍यान रखकर लोग हृदय रोगों के खतरे को रोक सकते हैं उनमें व्‍यायाम करना, धूम्रपान न करना और हेल्‍दी डाइट का सेवन करना शामिल है।  

ये बातें विश्व हृदय दिवस (29 सितंबर) के मौके पर संजय गांधी पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग और यूपी चैप्टर कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्‍त रूप से एसजीपीजीआई परिसर में आयोजित किये गये 5 किमी वॉकथॉन के आयोजन के मौके पर विशेषज्ञों ने कहीं। वॉकाथॉन को यूपी-सीएसआई के अध्‍यक्ष प्रो सत्येंद्र तिवारी, कार्डियोलॉजी विभाग के हेड प्रो.आदित्‍य कपूर, यूपी-सीएसआई के सचिव प्रो सुदीप कुमार, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के हेड  प्रो अनिल अग्रवाल, गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के हेड प्रो राजन सक्सेना और सीएमएस व एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रोफेसर गौरव अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाई।

संस्‍थान द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विश्व हृदय दिवस के मौके पर आयोजित “वॉक फॉर योर हेल्दी हार्ट” कार्यक्रम में लगभग 75 संकाय सदस्यों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ भाग लिया। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि चूंकि इस वर्ष विश्व हृदय दिवस का विषय “यूज़ हार्ट टू कनेक्ट” है, इसलिए हमें अपने दिलों से जुड़ कर यह सुनिश्चित करना  है कि हम अपने दिलों को स्‍वस्‍थ बनाये रखने के लिए पूरी तरह से भरण-पोषण करेंगे और इसके प्रति दूसरों को जागरूक करेंगे। हम वॉकथॉन जैसे आयोजन और अपनी दिनचर्या में टहलना, तेज चलना, दौड़ना जैसी गतिविधियों को शामिल करने के साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार पर ध्‍यान देकर एक फि‍ट जीवन शैली के बारे में दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं।