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केजीएमयू की लारी कार्डियोलॉजी में अब ‘हाल-ए-दिल’ सुनेगी मशीन, डॉक्टर करेंगे इलाज

जल्दी ही शुरू होगा रोबोटिक ट्राएज क्राउड ओपीडी सिस्टम का संचालन

लखनऊ. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ह्रदय रोग विभाग यानि लारी कार्डियोलॉजी में वाले मरीजों का ‘हाल-ए-दिल’ सुनने के लिए मशीन लगाई जा रही है. यानि दिल के रोगियों की केस हिस्ट्री मशीन दर्ज करेगी, उस केस हिस्ट्री को लेकर आपको डॉक्टर के पास जाना होगा और डॉक्टर आपका जरूरी इलाज शुरू कर देगा. मशीन में केस हिस्ट्री लिखे जाने का लाभ यह होगा कि मरीज और डॉक्टर का समय भी बचेगा और डॉक्टर आसानी के आपके लक्षणों को जान लेगा. इस पूरी प्रक्रिया को रोबोटिक ट्राएज क्राउड ओपीडी सिस्टम कहा जाता है. यह सुविधा जल्दी ही शुरू की जायेगी.

 

यह जानकारी आज यहाँ कलाम सेंटर में ह्रदय रोग विभाग के 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में विभाग के प्रो ऋषि सेठी ने अपने उद्बोधन में देते हुए बताया कि विभाग द्वारा जल्द ही रोबोटिक ट्राएज क्राउड ओपीडी सिस्टम का संचालन शुरू किया जायेगा। जिससे मरीज टच मशीन के माध्यम से अपने सारे कार्डियक रिस्क फैक्टर मशीन के अंदर फीड करा सकेगा. जैसे डयाबिटिक, कोलेस्ट्राल, मोटापा आदि की जानकारी के साथ ही साथ चेस्ट पेन, सांस फूलना, चक्कर आना आदि भरने के पश्चात मशीन द्वारा मरीज को एक पर्चा निकाल कर दिया जायेगा, जिसे चिकित्सक द्वारा देखकर मरीज का उपचार किया जायेगा। इससे ओपीडी में मरीजो को साथ चिकित्सकों का समय भी बचेगा और इससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सकेगा।

इस कार्यक्रम में कोपेंहगन विश्वविद्यालय, डेनमार्क के डॉ. लार्स सौंडरगार्ड,  द्वारा  “Structural Heart Disease & its Intervetional Management.” विषय पर डॉ. एनएन गुप्ता व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केजीएमयू के प्रो0 मदन लाल ब्रह्म भट्ट द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि चिकित्सा विश्वविद्यालय का लारी कार्डियोलॉजी विभाग को प्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत वर्ष में जो ख्याति  प्राप्त है, वो विभाग के चिकित्सकों के साथ ही साथ विभाग के कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों की वजह से ही है। इसके लिए मै विभाग के कर्मचारियों एवं चिकित्सकों को बधाई देता हूँ. विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर साल के 365 दिनों 24×7 इमरजेंसी सेवाओं का संचालन किया जा रहा है. विभाग का 100 बेड का उच्च विशिष्टता वाले ब्लाक का निर्माण कार्य चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जायेगा।

एक कैथ लैब भी और होगी शुरू, अभी चल रही हैं दो कैथ लैब

विभागाध्यक्ष प्रो वीएस नारायण द्वारा विभाग की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट में बताया गया कि विभाग में डीएम कार्डियोलॉजी के 8 सीटें संचालित हो रही हैं। विभाग में प्रतिदिन ओपीडी में करीब 500 मरीजों को देखा जाता है और करीब 100 मरीजों को भर्ती किया जाता है। विभाग के अंदर दो कैथ लैब का संचालन किया जा रहा बहुत शीघ्र ही तीसरी कैथ लैब भी विभाग को मिल जायेगी। विभाग में आईएफआर, एफएफआर आदि की सुविधा के साथ सभी प्रकार के वैस्कुलर इमेजिंग की सुविधा उपलब्ध है। विभाग द्वारा बहुत जल्द ही पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी इकाई की शुरूआत की जायेगी। उन्होंने बताया कि विभाग में 2005 में एंजियोप्लास्टी का आरम्भ हुआ था। 2014 में 912 एंजियोप्लास्टी हुई थी जो कि 2017 में बढ़कर 4350 हो गई है। विभाग में 2 इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रासाउण्ड है तथा विभाग में ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी का भी संचालन शुरू हो चुका है।

कार्यक्रम में प्रो0 एसके द्विवेदी द्वारा स्वागत सम्बोधन दिया गया। कार्यक्रम में अन्य उपस्थित व्यक्तियों में पद्मश्री प्रो मंसूर हसन,  प्रो0 आरके सरन, संजय गुप्ता, प्रो शरद चंद्रा सहित चिकित्सा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकाय सदस्य एवं विभाग के कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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