Friday , January 28 2022

अभद्रता प्रकरण : बढ़ सकती हैं बलरामपुर अस्‍पताल के निदेशक की मुश्किलें

-निदेशक के खिलाफ लड़ाई को राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद व अन्‍य घटक संघों का समर्थन
-निदेशक को हटाने की मांग को लेकर परिषद ने लिखा मुख्‍यमंत्री को पत्र
-अस्‍पताल परिसर में नर्सों का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन जारी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो 

लखनऊ बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक द्वारा कोविड-19 वार्ड में कार्यरत स्टाफ नर्स के साथ अमर्यादित व्यवहार किए जाने एवं उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा जिसमें कोरोना से संक्रमण भी शामिल है, के साथ खिलवाड़ किए जाने को लेकर आक्रोशित नर्सिंग एसोसिएशन द्वारा सरकार का ध्यानाकर्षण के उद्देश्य से किए जा रहे सांकेतिक आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश एवं उनके स्वास्‍थ्‍य विभाग के सभी घटक संघों द्वारा अपना समर्थन दे दिया गया तथा सभी संघों ने एकजुट होकर निदेशक को हटाने की मांग की है। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निदेशक के समस्त प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की।

आज 9 अप्रैल को तीसरे दिन भी बलरामपुर चिकित्सालय के सभी नर्सिंग कर्मी निदेशक कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए निदेशक का सांकेतिक विरोध शुरू किया तथा वातावरण परिष्कृत करने के लिए हवन किया। विरोध प्रदर्शन के समय राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के विभिन्न पदाधिकारी वहां पर आ गए। वहीं चिकित्सालय के सभी संवर्गों के पदाधिकारी भी आंदोलन में शरीक हो गए। आज परिषद के स्वास्थ्य विभाग के सम्बद्ध घटक संघ डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन, एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन, ईसीजी टेक्नीशियन एसोसिएशन, प्रयोगशाला सहायक संघ, कुष्ठ चिकित्सा कर्मचारी संघ, प्रोवेन्शियल फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन, राजकीय फार्मासिस्ट महासंघ ने राजकीय नर्सेज संघ को अपना समर्थन दिया।

अतुल मिश्रा ने बताया कि परिषद को चिकित्सालय के विभिन्न कर्मचारी संघों द्वारा नियमित रूप से निदेशक द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत प्राप्त होती रही है इसके पूर्व कई बार  निदेशक द्वारा अनेक कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से भी अपमानित किया गया है, जिससे पूरे चिकित्सालय के कर्मचारी इनसे नाराज हैं और अपने पूर्ण मनोभावों से सेवा नहीं कर पा रहा है। आज जबकि देश भर में कोरोना महामारी से लड़ने के लिए चिकित्सा कर्मियों की सराहना देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री कर रहे हैं, ऐसे में बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक द्वारा इस तरीके का अभद्र आचरण अत्यंत आपत्तिजनक है।

यह भी पढ़़े़ें-बलरामपुर अस्‍पताल के निदेशक पर उतारेे हुए दस्‍तानेे नर्स के हाथ और ऐप्रिन की जेब में रखने का आरोप

अतुल मिश्रा ने कहा कि इसीलिए परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निदेशक को हटाने की मांग की है क्योंकि निदेशक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं तथा इसके पूर्व इनके पास प्रशासनिक पद पर कार्य करने का कोई अनुभव भी नहीं है, विभाग द्वारा इन्हें कभी भी किसी प्रशासनिक पद का दायित्व नहीं दिया गया। इसलिए उन्हें प्रशासनिक दायित्व देना नियमों का उल्लंघन है, इसलिए तत्काल प्रभाव से उनके प्रशासनिक दायित्व को वापस लिया जाना उचित होगा।