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यूपी में कैंसर की रोकथाम, निदान व अनुसंधान की नयी इबारत लिखने की तैयारी

‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्‍नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ बनने का रास्‍ता साफ

-कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में ही विकसित होगा सेंटर

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सेवा व निदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने कैंसर ट्रीटमेंट व रिसर्च को सुगमता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत उचित निदान के अभाव को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई) में एक ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्‍नोस्टिक एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस सम्‍बन्‍ध में 11 अगस्‍त को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान (केएसएसएससीआई), लखनऊ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटीके), कानपुर और कार्किनो हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (केएचपीएल), मुंबई के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप, इस सेंटर को कल्याण सिंह सुपर स्पशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। एक प्रकार से यह सेंटर प्राथमिक से लेकर तृतीय/सुपर स्पेशलिटी स्तर के निदान के राज्यव्यापी तंत्र के रूप में कार्य करेगा। कैंसर के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध को बढ़ावा देने के साथ ही कैंसर ट्रीटमेंट की समस्त सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सेंटर के निर्माण व विकास को हरी झंडी मिल गई है।

25 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में बनेगा सेंटर

मौजूदा कार्ययोजना के अनुसार, कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई) के परिसर में ही 25 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केएसएसएससीआई को निर्मित क्षेत्रफल वाला क्षेत्र उपलब्ध कराए जाने के लिए केएसएससीआई को निर्देश दिए गए हैं। सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर को केएसएससीआई की देखरेख में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी-कानपुर), कार्किनोस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन करने के लिए अधिकृत किया गया है। इससे जुड़े अन्य अनुवर्ती निर्णय समेत सभी निर्णयों का यथाशीघ्र क्रियान्वयन कराने के लिए सीएम योगी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं और राज्य चिकित्सीय शिक्षा विभाग इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है।

यूपी में 1.6 फीसदी की दर से बढ़ रहे कैंसर से लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा सेंटर

पिछले कुछ वर्षों से कैंसर (कर्क रोग) का प्रसार न केवल देश बल्कि प्रदेश में भी काफी बढ़ गया है। इसके लिए प्रदूषण, अस्त-व्यस्त जीवनशैली, नशा समेत कई कारण जिम्मेदार हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष फिलहाल 2.45 लाख कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। यह रोग उत्तर प्रदेश में 1.6 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, शराब व तंबाकू की बढ़ती खपत और जनसंख्या वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश में कैंसर के बोझ की 3.2 प्रतिशत के दर से प्रतिवर्ष बढ़ने की आशंका है। ऐसे में, ‘सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर’ प्राथमिक से लेकर तृतीय सुपर स्पेशलिटी स्तर के निदान के राज्यव्यापी तंत्र के रूप में कार्य करते हुए कैंसर के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध को बढ़ावा देने व इन सभी सेवाओं को एक ही प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य की पूर्ति करने में सक्षम होगा। माना जा रहा है कि पूरी तरह ऑपरेशनल होने पर यह सेंटर प्रदेश में कैंसर की रोकथाम, उचित निदान व अनुसंधान के क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ साबित हो सकेगा।

सस्‍ती, अत्‍याधुनिक और सटीक डायग्‍नोसिस प्रदान करेगा

एमओयू साइन होने के मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र यूपी को देश का एकमात्र राज्य बनाएगा जो इस रोग से ग्रस्त आबादी को सस्ती अत्याधुनिक सटीक ऑन्को डायग्नोस्टिक्स प्रदान करने का प्रयास करेगा।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इस खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश राज्य व्यापी कैंसर बुनियादी ढांचे के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और इस केंद्र के निर्माण से कैंसर निदान सुविधा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी जिसमें जीनोमिक और मौलीक्यूलर परीक्षण शामिल हैं।

ये तीनों संस्थान किफायती कैंसर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आणविक जीव विज्ञान, कोशिका जीव विज्ञान, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, जैव सूचना विज्ञान, डेटा विज्ञान और अन्य अंतर्विभागीय अनुसंधान के क्षेत्र में संयुक्त रूप से सहयोग करेंगे।
सेंटर फॉर एडवांस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर (CAMDRC) इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और व्यापक जीनोमिक प्रोफाइलिंग सहित ऑन्को-पैथोलॉजी से संबंधित नैदानिक ​​सेवाएं प्रदान करेगा।
यह कैंसर रोगियों के लिए CAMDRC की मदद से KSSSCI के संस्थान परिसर के अंदर सभी मौलीक्यूलर परीक्षणों को कराने का एक शानदार अवसर होगा।
लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में आयोजित एमओयू समारोह के दौरान प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, आलोक कुमार, निदेशक, कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान, लखनऊ, प्रो आरके कृष्ण धीमन, एसोसिएट डीन, आर एंड डी, आईआईटी कानपुर, प्रोफेसर जयंधरन जी राव, कार्किनो के सीईओ, डॉ. आर वेंकटरमण, केजीएमयू की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद, विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा देवेन्द्र सिंह, KSSSCI के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रोफेसर अनुपम वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. देवाशीष शुक्ला, संकाय प्रभारी (अनुसंधान), डॉ. शरद सिंह भी उपस्थित थे।

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