Wednesday , May 6 2026

27 नवम्‍बर को मशाल जुलूस में शामिल होगा फार्मासिस्‍ट फेडरेशन

-सरकार हमें मानती है दोयम दर्जे का नागरिक, यह बर्दाश्‍त नहीं : सुनील यादव

सेहत टाइम्‍स

लखनऊकर्मचारियों की मांगों पर उच्च स्तर पर बनी सहमति के बावजूद आदेश निर्गत नहीं हो रहे हैं, युवाओं का भविष्य खतरे में है, कर्मचारियो को मिल रही सुविधाओं में कटौतियां जारी हैं, सरकार कर्मचारियों को इस देश का दोयम दर्जे का नागरिक मानती हैं, राज्य कर्मचारी और शिक्षक इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर फार्मेसिस्ट फेडरेशन आंदोलन को तैयार हैं।

फार्मेसिस्ट फेडरेशन की समीक्षा बैठक नगर निगम कार्यालय में सम्पन्न हुई, समीक्षा के पश्चात अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि फार्मेसिस्ट संवर्ग सहित अन्य संवर्गो की वेतन विसंगति दूर करने, पदों का पुनर्गठन, वेटेनरी फार्मेसिस्ट , सींचपाल सहित अनेक संवर्गो की नियमावली बनाने, निजीकरण को रोकने, पुरानी पेंशन बहाली, ठेका प्रथा संविदा की जगह स्थाई नियुक्तियां किये जाने, कैशलेश इलाज सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में मोर्चे द्वारा घोषित आंदोलन के क्रम में 27 नवम्बर को प्रदेश के फार्मेसिस्ट मशाल जुलूस में भागीदारी करेंगे। 

श्री यादव  ने बताया कि  प्रदेश की समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि सरकारों के उपेक्षापूर्ण रवैये से कर्मचारी नाराज हैं। सरकार संविदा, आउटसोर्सिंग और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है,  जो आम जनता के भविष्य के लिए भी घातक है, जिससे कर्मचारी भी परेशान है,  और इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। विभिन्न संस्थानों और विभिन्न विधाओं के फार्मेसिस्टों के पदनाम परिवर्तन सहित अनेक मामले लंबित हैं।

मोर्चा के महासचिव शशि मिश्रा,  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा,  संयोजक के के सचान, महामंत्री अशोक कुमार के साथ आज फेडरेशन की बैठक में वेटेनरी फार्मेसिस्ट संघ के अध्यक्ष पंकज शर्मा,  महामंत्री शारिक हसन खान,  उपाध्यक्ष प्रवीण यादव,  आनंद सिंह आयुर्वेद, ए आर कौशल श्रम विभाग, राकेश कुमार समाज कल्याण, शिव प्रसाद होम्योपैथी, के साथ प्रदीप गुप्ता मेडिकल कॉलेज,  अशोक उमराव लोहिया संस्थान, दिनेश कुमार एस जी पी जी आई, लखनऊ जनपद मंत्री जी सी दुबे आदि उपस्थित थे।