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अब मरीज को भर्ती के लिए अस्‍पताल-दर-अस्‍पताल भटकना नहीं पड़ेगा

-एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया, बलरामपुर अस्‍पताल, सिविल अस्‍पताल सभी में होगा आपसी समन्‍वय

-डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी चिकित्‍सा संस्‍थानों के अधिकारियों के साथ बैठक कर की चर्चा, दिये दिशा-निर्देश

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने राजधानी लखनऊ स्थित अस्पतालों में मरीजों की भर्ती की समस्या को देखते हुए सभी अस्पतालों के बीच एक समन्वय स्थापित कर मरीज की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए इस सम्‍बन्‍ध में एक सिस्‍टम विकसित करने के निर्देश दिये हैं। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना काल में कोरोना मरीजों के लिए जिस प्रकार एक पोर्टल पर अस्‍पतालों में खाली बेड की स्थिति दिख जाती थी, उसी प्रकार की व्‍यवस्‍था बनने पर मरीजों को एक अस्‍पताल से दूसरे अस्‍पताल भटकना नहीं पड़ेगा और उसे उचित अस्‍प्ताल में भर्ती किया जा सकेगा।

डिप्टी सीएम ने आज शासन में संजय गांधी पीजीआई, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, बलरामपुर अस्पताल, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल सहित सभी चिकित्सा संस्थानों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मरीज के उपचार को लेकर विस्तृत चर्चा की।

मरीज को भर्ती न किए जाने के कारणों पर सभी चिकित्सा संस्थानों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी बात रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जिस प्रकार सभी चिकित्सा संस्थानों में खाली बेड की स्थिति पोर्टल पर दर्शाई जाती थी उसी तर्ज पर सभी चिकित्सा संस्थान आपसी समन्वय से उनके अपने-अपने अस्पतालों में खाली बेड की स्थिति अंकित करेंगे जिससे मरीज को उसके उपचार वाली जगह पर भर्ती मिल सके।

डिप्टी सीएम ने कहा कि रोगी को उपचार देना हमारी शीर्ष प्राथमिकता में है, इसके लिए कैसे, कहां व्यवस्था की जानी है, इस पर हम सभी को मिलकर विचार करना होगा। ज्ञात हो पिछले दिनों डिप्टी सीएम ने मरीज भर्ती न होने की स्थिति में मरीज को उपचार में देर न हो, इसको सुनिश्चित करने के लिए स्‍ट्रेचर पर ही इलाज शुरू करने के निर्देश दिए थे।

आज की इस बैठक में संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति ले.ज. डॉ बिपिन पुरी, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्‍थान की निदेशक प्रो सोनिया नित्‍यानंद सहित अन्‍य सभी अस्‍पतालों के अधिकारी उपस्थित रहे।