मासिक धर्म के दौरान बरती गयी लापरवाही वंचित कर सकती है माँ बनने से

लखनऊ. मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (28 मई) पर राजेंद्र नगर हॉस्पिटल के तत्वावधान में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में स्लम एरिया में रहने वाली लगभग 150 किशोरियों से लेकर महिलाओं तक उपस्थित हुई.

 

इस मौके पर राजेंद्र नगर हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषग्य डॉ. सुनीता चंद्रा ने मासिक धर्म के दौरान सफाई का कितना महत्त्व है, इसकी विस्तार से जानकारी दी गयी. डॉ. सुनीता ने बताया कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो लड़की के किशोरावस्था में पहुँचने पर स्वतः शुरू हो जाती है. ऐसे समय उस बच्ची को बहुत सी बातें समझाने की जरूरत होती है. उन्होंने बताया कि मासिक धर्म को लेकर लोगों में बहुत सी भ्रांतियां हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है.

 

डॉ. सुनीता ने बताया कि बहुत सी महिलायें इस दौरान कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन वह कपड़ा  संक्रमण से मुक्त होगा, यह बहुत मुश्किल है क्योंकि ऐसे में महिलायें पुराने गंदे कपड़े भी इस्तेमाल कर लेती हैं जो बिलकुल गलत है. उन्होंने सलाह दी कि ऐसे समय बाजार में मिलने वाले सेनेटरी पैड का ही इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि वह सफाई के दृष्टिकोण से अच्छे रहते हैं. उन्होंने पीरियड्स के दौरान सफाई रखने की महत्ता समझाते हुए विस्तार से जानकारी दी और कहा कि अगर सफाई बरतने में लापरवाही हुई तो ऐसा भी हो सकता है कि महिला को बांझपन की शिकायत हो जाये, जो कि कोई स्त्री नहीं चाहेगी कि उसकी एक लापरवाही उसे माँ का दर्जा मिलने से वंचित कर दे.

 

डॉ. सुनीता में शिविर में आयीं किशोरियों से लेकर महिलाओं को पीरियड के समय इस्तेमाल होने वाला सेनेटरी पैड का निःशुल्क वितरण किया. इस मौके पर कई महिलाओं ने इस विषय को लेकर अपने-अपने सवाल भी पूछे जिसका जवाब डॉ. सुनीता के साथ ही शिविर में उपस्थित अन्य विशेषग्य डॉ. वीना टंडन और डॉ. ऋतु सक्सेना ने दिये.