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प्‍लेटिनम जुबली पर 75 ‘ऑक्‍सीजन प्‍लांट’ रोपे केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने

-नवग्रहों व औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का रोपण किया गया

-रोज एक व्‍यक्ति को चाहिये 350 लीटर ऑक्‍सीजन, पौधे ही भविष्‍य की ऑक्‍सीजन : डॉ सूर्यकान्‍त

-रोटरी क्‍लब के सहयोग से बने नये ग्रीन जोन में रोपित किये गये पौधे

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ का रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग 75 वर्ष का हो गया। इसकी स्थापना सन् 1946 में हुई थी। प्‍लेटिनम जुबली वर्षगांठ पर विभाग में आज 75 पौधों का रोपण किया गया, यही नहीं इस समारोह की खासियत यह रही कि हाल ही में प्रत्‍येक विभाग में ग्रीन जोन विकसित करने के कुलपति के निर्देशों के अनुपालन में जहां इन्‍हें विभाग के ग्रीन जोन में रोपित किया गया, वहीं 75 पौधों का चुनाव बहुत ही अर्थपूर्ण तरीके से किया गया, इनमें स्‍वास्‍थ्‍य के दृष्टिकोण से नवग्रह व औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का रोपण किया गया है।

यह जानकारी देते हुए विभागाध्‍यक्ष प्रो सूर्यकांत ने बताया कि हमारे विभाग के लिए आज गर्व का दिन है कि हम विभाग की हीरक जयंती वर्षगांठ पर इस श्रावण माह की हरियाली के बीच हरी और स्‍वास्‍थ्‍य से भरी धरा पर 75 पौधों का रोपण कर लोगों को सांस के लिए ऑक्‍सीजन मिलने का स्रोत पेड़ लगाने का संदेश दे पा रहे हैं। ज्ञात हो डॉ सूर्यकांत अपने सम्‍बोधनों में अनेक बार यह आह्वान करते हैं कि ऑक्‍सीजन देने वाले पेड़ों को लगाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास ही वृहद रूप ले लेते हैं, उनका कहना है कि‍ बच्‍चे का जन्‍मदिन हो, या फि‍र विवाह की वर्षगांठ जितने वर्ष बीतने का उत्‍साह मना रहे हैं उतने ही पेड़ उस दिन लगायें। इसीलिए उन्‍होंने विभाग की प्‍लेटिनम जुबली पर 75 पेड़ लगाने का फैसला किया।

ज्ञात हो कि केजीएमयू के कुलपति ले0ज0 डा0 बिपिनपुरी ने हाल ही में सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभाग में ’’ग्रीनजोन’’ विकसित करने के लिए निर्देशित किया है। डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि कुलपति के आदेश का अनुपालन करते हुए विभाग में एक नया ग्रीन जोन रोटरी क्लब के सहायता से विकसित किया जा रहा है। इस निर्माणाधीन ग्रीन जोन में ही आज 75 पौधो का रोपण किया गया। डॉ सूर्यकांत ने बताया कि एक व्यक्ति को प्रतिदिन 350 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और यह ऑक्सीजन हमें पेड़-पौधों से ही मिलती है इसलिए पौधे ही भविष्य की ऑक्सीजन है।

डॉ सूर्यकांत ने बताया आज जिन पौधों का रोपण किया गया है उनमें नवग्रहों से संबंधित पौधे व हर्बल मेडिसिन के पौधे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में नवग्रहों सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु के अनुसार उनके पौधों का विवरण मिलता है इसीलिए आज विभाग में नवग्रह वाटिका का निर्माण किया गया है इनमें कुश, केला, शमी, लटजीरा, सदाबहार, पलाश, गुड़हल आदि पौधों का रोपण किया गया है, चिकित्‍सीय महत्‍व वाले पौधों में हरजोड़, ब्राह्मी, जलनीम, भृंगराज, अन्‍तमूल, लाजवंती, अजूबा, पीपली, अनंतमूल, सालपर्णी, अपराजिता, शतावरी, घृतकुमारी (एलोवेरा), गुग्गल, तुलसी, अश्वगंधा, हरसिंगार आदि के पौधे रोपित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कई तरह के फूलों एवं अन्य पौधों का भी रोपण किया गया। आज के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केजीएमयू के मुख्‍य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस एन संखवार थे, उन्होंने रेस्‍परेटरी मेडिसिन विभाग के 75 वर्ष पूर्ण होने पर विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकांत तथा विभाग के सभी चिकित्सकों, जूनियर डॉक्टर्स एवं सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई देते हुए विभाग की प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, भारती गुप्ता व अशोक टंडन ने डॉ सूर्यकांत को उनके पर्यावरण के प्रति लगाव व इस ग्रीन जोन के विकसित होने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए बधाई दी और रोटरी क्लब की ओर से एक सम्मान पत्र भी प्रदान किया। इस मौके पर पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडे, उप निदेशक राधा कृष्ण तिवारी के साथ ही रेस्पिरेट्री विभाग के सभी संकाय व चिकित्‍सक डॉ संतोष कुमार, डॉ राजीव गर्ग, डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ दर्शन कुमार बजाज, डॉ ज्योति बाजपेई, डॉ अंकित कुमार, डॉ रिचा त्यागी, डॉ अमित, डॉ सपना, डॉ नवीन एवं सभी सदस्य गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रोटरी क्लब की ओर से भी 25 सदस्य शामिल हुए इन सभी लोगों ने 70 पौधों का रोपण किया। डॉ नवग्रह वाटिका का निर्माण करवाते हुए उसका महत्व प्रख्यात पर्यावरणविद चंद्रभूषण तिवारी ने समझाया। ग्रीन जोन को विकसित करने के लिए कुलपति डॉ सूर्यकांत एवं विभाग को बधाई दी है।

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