-संस्थान में दिव्यांगों के हस्तशिल्प उत्पाद व बेकरी के पैक्ड खाद्य पदार्थों का विक्रय के लिए कियोस्क का उद्घाटन किया निदेशक ने, कियोस्क का संचालन दिव्यांग ही करेंगे

लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन ने कहा है कि दिव्यांग जनों ने प्रत्येक क्षेत्र में अपने आपको साबित किया है। वे किसी से कम नहीं, यह हाल ही के ओलंपिक खेलों के परिणाम से परिलक्षित हुआ है।
प्रो धीमन ने ये विचार शुक्रवार 3 दिसम्बर को अंतराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आज दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान करते हुए संस्थान के PMSSY ब्लॉक के निकट एक Kiosk (गुमटी) का उद्घाटन करने के बाद अपने सम्बोधन में व्यक्त किये। इस कियोस्क को दिव्यांग जनों द्वारा संचालित किया जायेगा। इस Kiosk में दिव्यांग जनों द्वारा बनाये गये हस्तशिल्प उत्पाद व बेकरी के पैक्ड खाद्य पदार्थों का विक्रय किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में दिव्यांगों के कल्याण के लिए संस्थान द्वारा और भी प्रयास किये जायेंगे।
ज्ञात हो IIT रूड़की के पूर्व विद्यार्थी विकास गुप्ता द्वारा स्थापित ‘दिव्यांग: एक उम्मीद’ संस्था के द्वारा यह प्रयास किया गया कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाये व उनके लिए रोज़गार व उद्यम के नये अवसर प्रदान किये जायें।



भारत में लगभग 2.67 करोड़ लोग दिव्यांगों की श्रेणी में आते हैं जिनमे से 1.5 करोड़ पुरुष व 1.18 करोड़ महिलायें हैं। यह आंकड़ा सम्पूर्ण जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत है इस श्रेणीं में वे सभी लोग आते हैं जो किसी न किसी प्रकार की दृश्य, श्रवण, वाचन व्याधियों अथवा किसी भी प्रकार की मानसिक अक्षमता से पीड़ित हैं। भारतीय संविधान में दिव्यांग जनों के अधिकारों के संरक्षण व उनके कल्याण के लिए नीति निर्धारित की गई है।
भारतीय संविधान की इसी व्यवस्था के अनुरूप व उ0प्र0 की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, के निर्देशों के अनुपालन में संजय गांधी पीजीआई ने यह पहल की है। आज के कियोस्क उद्घाटन के अवसर पर संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 गौरव अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 वी0के0 पालीवाल, डा0 सुशील गुप्ता व डा0 नारायण प्रसाद भी उपस्थित थे।
इस उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन अस्पताल प्रशासन विभाग के अध्यक्ष डा0 राजेश हर्षवर्धन के द्वारा किया गया।
