Thursday , December 2 2021

कोरोना काल में दूसरों के आंसू पोछिये, लेकिन हाथ से नहीं, बातों से

-आजकल आंखों का कैसे रखें ध्‍यान, जानिये केजीएमयू के डॉक्‍टर की कलम से

डॉ प्रिया शर्मा – डॉ संजीव कुमार गुप्‍ता

वर्तमान में चल रही इस कोरोना महामारी के चलते हमें अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी में बदलाव लाने की जरूरत है और देखा जाए तो हम सब ये बदलाव लाने कि कोशिश में लगे हुऐ हैं। जिसमें आंख की देखभाल करना एक अहम हिस्सा है।

रिसर्च में यह देखा गया है कि कोविड-19 आंख के आंसुओं के ज़रिए भी फैल सकता है। यह वायरस आंख की सतह पर भी रह सकता है। इसलिए आंख को छूने से पहले और बाद में आंख की सफाई रखना बेहद आवश्यक है और कोशिश करें कि कम से कम अपनी आंख को तो छुएं ही नहीं, अपने चश्मे की सफाई का भी ख़ास खयाल रखें। उसे किसी भी जगह उतार कर न रख दें और यदि आप ऐसा करते हैं तो ध्यान रखें उसे साफ़ कर करके ही पहनें। इससे आप संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं।

यहां यह साफ करना जरूरी है कि आंसू से दूसरे व्‍यक्ति को कोरोना फैलने के खतरे की संभावना कम रहती है क्‍योंकि आंसू जब आंख से निकलता है तो इसकी गति खांसी या छींक में निकली ड्रॉप लेट्स की तरह नहीं होती है इसलिए किसी दूसरे को संक्रमित होने की संभावना तब तक नहीं होती है जब तक रूमाल, उंगली आदि के माध्‍यम से न पहुंचे। ऐसे में यह ध्‍यान रखना जरूरी है कि किसी व्‍यक्ति के रूमाल का इस्‍तेमाल न करें हालांकि यह तो साधारण में भी ध्‍यान रखने की जरूरत है, इसीलिए कहा भी जाता है कि घर में भी तौलिया सभी की अलग-अलग होनी चाहिये।

स्‍क्रीन का करें इस्‍तेमाल करें लेकिन 20-20-20 नियम के साथ

कोविड-19 महामारी के चलते बच्चों में आंख की समस्या देखी जा रही है जिसका कारण है देर तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करना जिसके लिए पैरेंट्स को ख़ास ध्यान रखने की जरूरत है।यदि बच्चा 20 मिनट से अधिक उपकरण का इस्तेमाल कर रहा है तो यह सुनिश्चित करें की वो कुछ मिनट का ब्रेक ले और अपनी आंख को बंद कर के बैठे जिससे उसकी आंख पर कम ज़ोर पड़ेगा और और आंख को आराम मिलेगा।

यही दिक्कत बड़ों में देखी जा रही है, जो वर्क फ्रॉम होम कर रहें हैं। रिसर्च के अनुसार देर तक कंप्यूटर का उपयोग करने से आंखों में ड्रायनेस की प्रॉब्लम बढ़ गई है और सिर में भी दर्द रहता है। इसको कम करने के लिए वह 20-20-20 नियम को अपना सकते हैं। जिसके अनुसार अगर वह 20 मिनट तक कंप्यूटर पर काम कर रहें हैं तो 20 सेकंड्स के लिए 20 फीट दीवार पर देखें और काम करने के दौरान कोशिश करें की अपनी पलकों को झपकाते रहें जिससे आंखों में आंसू की परत बनी रहे और ड्रायनेस की समस्या कम हो जाए। जितना हो सके हरे पत्ते वाली सब्जियां खाएं,और खाने में गाजर को भी जरूर लें, और कोशिश करें कि जूस से बेहतर है फल को चबा कर खाना इससे न ही केवल न्यूट्रीशन बर्बाद होने से बचता है साथ ही खून की गति भी बनी रहती है।

क्‍यों है आंखों में लाली, चुभन

रिसर्च में यह भी देखा गया है कि आजकल आंखों में लाली और गड़न चुभन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसका एक कारण सैनिटाइजर का प्रयोग माना जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं कि आप सैनिटाइजर का उपयोग न करें यह इसलिए बताया जा रहा है ताकि आप हाथ में सैनिटाइजर लगाने के और उसके सूखने के बाद ही आंख को छुएं।

कोविड 19 महामारी में संक्रमण से बचने के लिए एक कॉन्सेप्ट लाया गया है वर्क फ्रॉम होम का, जो बेहद ही आवश्यक है। पर इसके चलते लोग आलसी होते जा रहें हैं और व्यायाम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और अनहेल्‍दी खाना शुरू कर दिया है, जिसका बुरा असर भी उनकी आंखों पर पड़ सकता है। ये उन लोगो के लिए बहुत जरूरी है जो शुगर जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। शुगर बढ़ने के कारण उनके आंख के परदे पर भी असर हो सकता है जिसको मेडिकल भाषा में डायबिटिक रेटीनोपैथी कहते हैं।

हाल ही में हुई कुछ रिसर्च के अनुसार डायबिटिक रेटीनोपैथी और शरीर के विटामिन डी लेवल का भी संबंध देखा गया है। विटामिन डी का लेवल बढ़ाने के लिए आप थोड़ी देर धूप में बैठ सकते हैं, साथ ही अपना काम भी करते रहिए।

यह भी देखा गया है कि जो लोग होम आइसोलेशन में हैं, वह नि‍यमित रूप से अपनी शुगर और ब्लड प्रेशर की दवा नहीं ले रहें हैं। तो आप ऐसा न करिए और अपनी ब्लड प्रेशर और शुगर की दवा जारी रखिए। यदि कोई दवा ऐसी है जो कोविड के इलाज के दौरान नहीं ले सकते हैं तो उसे खुद से बंद न करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

शुगर, बीपी के रोगी रखें खास खयाल

डायबिटीज, बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर के मरीजों में जो कि कोविड से पीड़ित हैं या हो चुके हैं फंगल इंजेक्शन होने का खतरा देखा गया है। असल में कोविड के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली दवा जैसे कि स्टीरॉयड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है जिससे काला फंगस इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कोविड पीड़ि‍त मरीजों की और उससे ठीक होने के बाद भी शुगर मॉनिटरिंग और उसे नियंत्रण में रखना बेहद आवश्यक है। और यदि आप को आंख के आस पास कुछ कालापन लग रहा है या रौशनी में एकदम से कमी लग रही है तो तुरंत ही किसी आंख के विशेषज्ञ को दिखाएं।

आंख के इलाज में महामारी को आड़े न आने दें

एक और समस्या जो बेहद कॉमन है और ई ओपीडी के दौरान देखी जा रही है वो है कोविड से ठीक होने के बाद आंख में लाली होना और खुजली होना। यदि आपको ऐसा होता है तो किसी डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। और एक बात का ध्यान रखें कि इस महामारी के चलते अपनी आंख के चल रहे इलाज को रुकने ना दे जिसके लिए एक एप्लीकेशन बनाई गई है e sanjeevani नाम से इसे चाहे तो आप गूगल प्ले पर डाउनलोड कर सकते हैं या e sanjeevani वेबसाइट के ज़रिए भी अपने आप को रजिस्टर करा सकते हैं। इसमें वीडियो कंसल्टेशन के ज़रिए डॉक्टर कंसल्टेशन कर सकते हैं।

आंख की साफ-सफाई रखें, ध्यान रखें, आंखें बहुत सुंदर तोहफा है, इसे संभाल कर रखें।

डॉ संजीव कुमार गुप्‍ता एवं डॉ प्रिया शर्मा

नेत्र रोग विभाग, केजीएमयू