Saturday , January 22 2022

बिना विकल्‍प रिटायरमेंट आयु बढ़ायी तो सामूहिक इस्‍तीफे देंगे डॉक्‍टर

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश ने किया ऐलान

लखनऊ। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश के राज्य स्तरीय चुनाव पश्चात केंद्रीय कार्यकारिणी की प्रथम बैठक आज बलरामपुर जिला चिकित्सालय लखनऊ के सभागार में प्रांतीय अध्यक्ष डा सचिन वैश्य की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य की 60 से अधिक जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ,उत्तर प्रदेश के महासचिव डा अमित सिंह ने अवगत कराया कि उक्त बैठक में सदन में उपस्थित पदाधिकारियों ने एक स्वर में शासन द्वारा बिना विकल्प दिए हुए अधिवर्षता आयु बढ़ाये जाने का पुरजोर विरोध किया तथा अपने जिले से संबंधित चिकित्सकों के इस्तीफे केंद्रीय कार्यकारिणी को सौंप दिए। महासचिव द्वारा अवगत कराया गया कि लगभग 3000 इस्तीफे प्राप्त हो चुके हैं एवं शेष एक से दो दिनों में शाखाओं द्वारा प्रेषित कर दिए जाएंगे। संघ के पदाधिकारियों ने अपने अपने जिलों में आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण के‍ लिए शीर्ष स्तर पर वार्ता करने के लिए केंद्रीय कार्यकारिणी में पूर्ण निष्ठा एवं आस्था व्यक्त करते हुए अंतिम निर्णय तक जाने के लिए अधिकृत किया।

प्रांतीय चिकित्सा संघ उत्तर प्रदेश द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पूर्व पदाधिकारियों को भी प्रतीक चिन्ह देते हुए सम्मानित किया गया। सभा का मुख्य आकर्षण ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्‍टर्स एसोसिएशन (AIFGDA ) के राष्ट्रीय महासचिव डा रंजीत सिंह रहे, जिन्होंने पूरे राष्ट्र में चिकित्सकों के प्रति हो रहे अन्याय के खिलाफ शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलनरत होने की बात कही।

डा सिंह ने बताया कि शीघ ही AIFGDA की आगामी बैठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आहूत की जाएगी, जिसमें सभी राज्यों के अध्यक्ष तथा महासचिव प्रतिभाग करेंगे। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की बैठक में उत्तर प्रदेश अधिकारी महापरिषद के संरक्षक बाबा हरदेव सिंह ने भी समस्त राजपत्रित चिकित्साधिकारियों के समक्ष अपने विचार रखे। संघ के अध्यक्ष डा वैश्य ने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए शासन स्तर पर बचे सीपीएस डिप्‍लोमा की पत्रावली जो कि प्रक्रियाधीन है, पर जल्दी निर्णय लिया जाए।चिकित्सकों में निराशा व्याप्त है।सभी जनपदों के प्रतिनिधियो की समस्यायों को शीघ्र ही प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ होने वाली समीक्षा बैठक में रखा जाएगा तथा उनके उचित निराकरण का प्रयास भी संवर्ग हित में किया जाएगा।

संघ के उपाध्यक्ष डा विकासेंदु अग्रवाल ने कहा कि संवर्ग के पुनर्गठन तथा जनहित में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए ।

बैठक में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के उपाध्यक्ष डा भवतोष शंखधार, डा विनय सिंह, डा मुनेंद्र, अतिरिक्त महासचिव डा अनिल त्रिपाठी, संपादक डा आशुतोष दुबे एवं वित्त सचिव डा मोहित ने भी अपने विचार रखे।