-संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने किया ऐलान
-11 व 12 मार्च को 70 %से 75% तक ठप रहा ऑन रिपोर्टिंग का कार्य

सेहत टाइम्स
लखनऊ। एनएचएम संविदा कार्मिकों की वेतन विसंगति की मांग को लेकर संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने कहा है कि यदि सरकार शासन हमारी बाते नही सुनती है तो हम और बड़े स्तर के आंदोलन के लिए तैयार हैं।
यह कहना है संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश संयोजक सुनैना अरोड़ा का। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा 2016 से 3% प्रतिवर्ष अतिरिक्त बजट दिए जाने के बावजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कार्मिकों की आपसी वेतनविसंगत्ति दूर नही की गई है। वहीं मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार राज्यो में उक्त बजट का उपयोग करते हुए वेतन नीति बनाए जाने के साथ संविदा कार्मिकों की वेतन विसंगति दूर की गई है।


प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश डा अनिल गुप्ता ने कहा कि । वर्तमान में हम अपनी बातों को बिना किसी कार्य को रोके हुए सांकेतिक रूप से विरोध कर रहे है शासन को विषय की गंभीरता समझनी होगी।
महामंत्री योगेश उपाध्याय ने कहा कि 12 से 22 फरवरी 2024 तक वेतन विसंगति के विषय संघ आह्वान पर प्रदेश भर लगभग 12000 पत्र मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संविदा कार्मिकों द्वारा प्रेषित किये गये, जिसका संज्ञान न लिए जाने के बाद 11 व 12 मार्च 2024 प्रदेश भर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कार्मिकों द्वारा आन लाइन कार्य न किए जाने का निर्णय संघ द्वारा लिया गया था ।
उन्होंने बताया कि इसी के क्रम में 11 एवं 12 मार्च 2024 को आन रिपोर्टिंग का कार्य लगभग 70 %से 75% तक ठप रहा जिसमे मुख्य रूप से e sanjivani पर आयुष्मानभव मंदिर पर आन लाइन परामर्श, टी बी कार्मिकों का विवरण निश्चय पोर्टल पर न अपलोड किया जाना, टीकाकरण का विवरण, व विभागीय रिपोर्ट प्रेषित नही किया गया।
सुनैना अरोड़ा ने कहा कि यदि शासन संविदा कार्मिकों की बात नहीं सुनती है तो आगे बड़े स्तर कार्यक्रम किए जायेंगे, यदि आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री /मिशन निदेशक कार्यालय/ एनेक्सी भवन पर संविदा कर्मी उपस्थित होकर अपनी बातों को रखने का आवाहन संघ द्वारा किया जायेगा ।
