Sunday , August 1 2021

भोजन को औषधि समझकर ग्रहण करें तो अमृत का काम करेगा : प्रो भट्ट

केजीएमयू में चौथी सतत पैरामेडिकल चिकित्‍सा शिक्षा का आयोजन

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने कहा है कि भोजन को अगर औषधि समझ कर ग्रहण किया जाये तो यह अमृत का काम करेगा। उन्‍होंने स्‍वस्‍थ जीवनशैली को जनआंदोलन के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर लाने की अपील करते हुए बताया कि वर्ल्‍ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार 45 फीसदी बीमारियां का कारण आलस्य है।

प्रो भट्ट बुधवार को केजीएमयू स्थित कलाम सेंटर में इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेस एवं आरोग्य भारती, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में स्‍वस्‍थ जीवनशैली के विषय पर चौथी सतत पैरामेडिकल शिक्षा में मुख्‍य अतिथि के रूप में सम्‍बोधित कर रहे थे।

अनियमित जीवनशैली के कारण होती हैं 60 फीसदी बीमारियां

उन्होंने बताया कि 60 फीसदी बीमारियां अनियमित जीवनशैली के कारण होती हैं। उन्‍होंने कहा कि 30 फीसदी लोगों को कैंसर तथा 30 फीसदी लोगों को हृदय से संबंधित रोग तंबाकू के सेवन के कारण होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने सभी को हवा, पानी, सूर्य की रोशनी तथा शुद्ध वायु मुफ्त में दी है लेकिन हम उसका प्रयोग सही ढंग से नहीं कर पाते है। उन्होंने बताया कि मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 6 से 8 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए तथा रात में चाय, कॉफी या नशे का सेवन नहीं करना चाहिए।

साल में 40 दिन तक 40 मिनट धूप सेंकनी जरूरी

इसके साथ ही उन्होंने रात में मोबाइल का प्रयोग न करने तथा मोबाइल को सिर के पास न रखकर सोने की सलाह देते हुए बताया कि प्रत्येक मनुष्य को साल भर में सिर्फ 40 दिन तक 40 मिनट धूप सेंकनी चाहिए जिससे शरीर में वि‍टामिन-डी की कमी न हो। उन्होंने बताया कि वि‍टामिन-डी की कमी से हड्डी, हृदय, पाचन तंत्र, त्वचा रोग एवं मानसिक रोग होने का खतरा बढ़ जाता है तथा 80 फीसदी भारतीयों में वि‍टामिन-डी की कमी पाई जाती है।

स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति रोजाना 10 हजार, हृदय रोगी पांच हजार कदम चलें

कुलपति ने लखनऊ के बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तय मानक से दस गुना अधिक वायु प्रदूषण से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और सभी को मिलकर इसे समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 10 हजार कदम तथा हृदय रोग व अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति को कम से कम 5 हजार कदम चलना चाहिए।

आरओ का पानी नुकसानदायक

उन्होंने आरओ के पानी को नुकसानदायक बताते हुए कहा कि आरओ के पानी में बैक्टीरिया के साथ जरूरी मिनरल्स भी निकल जाते हैं। उन्होंने बताया कि मौसमी फल और सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए। उन्‍होंने फास्टफूड और तले-भुने खाद्य पदार्थो का कम से कम सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योगासन, प्राणायाम तथा मेडिटेशन किए जाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि योगासन को 193 देशों ने अपनाया है और इसके प्रयोग हम स्वस्थ रह सकते हैं।

स्‍वस्‍थ जीवनशैली के कार्यक्रम को सम्‍पूर्ण देश में ले जायेंगे

कार्यक्रम में डीन, इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेस डॉ विनोद जैन ने जानकारी दी कि उनके विभाग द्वारा स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित कार्यक्रम को सिर्फ केजीएमयू तक ही सीमित नहीं रहने देंगे बल्कि इसे सम्पूर्ण देश तक ले जाने के लिए वह दृढ़ संकल्पित हैं और इसी क्रम में वह अगस्त 2020 में सतत पैरामेडिकल शिक्षा का आयोजन करेंगे जिसमें देशभर से विद्यार्थी एवं पैरामेडिक के शिक्षकगण प्रतिभाग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली को शारीरिक, मानसिक के साथ ही अध्यात्मिक स्वास्थ्य बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से अपने अंदर बदलाव लाएं और उसे समाज में फैलाएं। उन्होंने बताया कि आज के कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले 86 विद्यार्थियों में से 5 बाहर के कॉलेज से आए विद्यार्थी हैं जो इस बात का प्रमाण है कि आमजन अब स्वस्थ जीवनशैली के प्रति गंभीर हो रहे हैं।

रात में गर्म दूध के साथ गुड़ खाने से नींद गहरी और अच्‍छी आती है

कार्यक्रम के अतिथि वक्ता आयुर्वेदाचार्य डॉ अभय नारायण तिवारी ने बताया कि प्राचीन जीवनशैली में आयुर्वेद के माध्यम से आज भी स्वस्थ रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने आहार, व्यवहार, विचार एवं अपनी नींद का विशेष ख्याल रखना चाहिए तथा सूर्योदय के दो घंटे के अंदर नाश्ता और सूर्यास्त के डेढ़ घंटे के अंदर भोजन कर लेना चाहिए। इसके साथ ही भोजन में जौ, बाजरा आदि प्रयोग करना चाहिए इससे पाचनतंत्र मजबूत रहता है। इसके साथ ही उन्होंने सहजन की फली खाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि एक दिन में आठ पहर होते हैं और एक पहर में दो बार भोजन नहीं करना चाहिए तथा दो पहर से अधिक भूखा नहीं रहना चाहिए और रात में गर्म दूध के साथ गुड़ के सेवन से नींद गहरी और अच्छी आती है।

पर्याप्‍त मात्रा में नींद लेना जरूरी

इस अवसर पर अतिथि वक्ता आईटी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रीशियन साइंस की विभागाध्यक्ष डॉ नीलम कुमारी ने संतुलित आहार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार से अलग-अलग आयु के लोगों को कितनी मात्रा में भोजन करना चाहिए तथा तनावमुक्त जीवन कैसे जीना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए नींद पर्याप्त मात्रा में लेनी चाहिए और सोते समय मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट को अपने से दूर रखना चाहिए।

स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति ही बन सकता है धनवान

कार्यक्रम में अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, प्रो जीपी सिंह ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही धनवान बन सकता है क्योंकि पूर्ण रूप से स्वस्थ व्यक्ति एकाग्रता से कार्य करने में सक्षम होता है जिसकी वजह से उसके द्वारा किए गए कार्य के असफल होने की संभावना काफी कम होती है।

मात्र 15 मिनट का ध्‍यान दोगुनी कर देता है शरीर की ऊर्जा

इस अवसर पर डॉ भूपेंद्र सिंह ने मेडिटेशन का महत्व बताते हुए कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य भी आवश्यक होता है और इसके कारण कई बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिन के मात्र 15 मिनट मस्तिष्क को शांत कर ध्यान केंद्रित करने से शरीर की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है और हमारे द्वारा किए गए कार्य को हम पहले के मुकाबले और बेहतर ढंग से कर सकते हैं जिससे उस कार्य के सफल होने की संभावना और अधिक हो जाती है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को ध्यान केंद्रित किए जाने का अभ्यास कराते हुए इसकी विधि सिखाई।

इस अवसर पर डीन, इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेस डॉ विनोद जैन एवं डॉ अंकिता जौहरी द्वारा स्वस्थ जीवनशैली पर लिखित किताब का विमोचन कुलपति द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ अंकिता जौहरी द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ अनित परिहार, डॉ अतिन सिंघई, प्रो मोनिका अग्रवाल, डॉ अनिल रावत, डॉ सुकृति कुमार, शिवानी श्रीवास्तव, संगीता खरे, आमिर हसन, श्यामजी रमन मिश्रा और राघवेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com