Friday , December 3 2021

80 प्रतिशत स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के समाधान का बेहतर विकल्‍प है होम्‍योपैथी

– हैनिमैन की जयंती पर राजधानी में कार्यक्रमों का आयोजन

सेहत टाइम्स ब्यूरो

लखनऊ। विश्व होम्योपैथी दिवस  के रूप में मनाई जा रही होम्योपैथी के आविष्कारक डॉ हैनिमैन की जयंती पर राजधानी में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

प्रातः गोमती नगर के हैनिमैन चौराहे पर तथा होम्योपैथिक कॉलेज में स्थित डॉ हैनिमैन की प्रतिमा पर राजधानी के चिंकित्सकों, शिक्षकों एवँ छात्रों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। माल्यार्पण करने वालों में केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ अनुरुद्ध वर्मा, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी दर्ज एस एस यादव, डॉ आशीष वर्मा, डॉ अरुण प्रकाश, डॉ अमित सिंह, डॉ अभय सिंह आदि प्रमुख थे। उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड में स्थापित डॉ हैनिमैन की प्रतिमा पर डॉ अनुरुद्ध वर्मा, डॉ संगीता भाटिया सहित  पी जी छात्रों,बोर्ड के कर्मचारियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर होम्योपैथिक साइन्स कांग्रेस सोसाइटी के तत्वावधान में होम्योपैथिक संगोष्ठी का आयोजन अग्रवाल प्लाजा ,सी ब्लॉक, इंदिरा नगर स्थित लाइफ लाइन होम्यो क्लीनिक परिसर में किया गया। प्रारम्भ में चिंकित्सकों ने डॉ हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ अनुरुद्ध वर्मा ने कहा कि डॉ हैनिमैन द्वारा किया गया होम्योपैथी का अविष्कार रोगों से पीड़ित मानव के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि किफ़ायती, असरकारी, सुरक्षित ,बिना ताम झाम वाली, सरल होम्योपैथी जनता को समग्र स्वास्थ्य उपलब्ध करा सकती है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी 80% स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने की क्षमता है तथा देश की आर्थिक, सामाजिक एवँ भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल है इसलिये जनता की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए इसको बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने गुणों के बाद भी होम्योपैथी सरकारी उपेक्षा का शिकार है फिर भी जनता का होम्योपैथी पर विश्वास बढ़ा है।

डॉ आर के सिंह ने होम्योपैथी में शोध को बढ़ावा दिये जाने पर बल दिया। डॉ नीशान्त श्रीवास्तव ने कहा कि होम्योपैथी में भविष्य की चिकित्सा पद्धति की सारी संभावनाएं विद्यमान है। डॉ यू बी त्रिपाठी ने कहा कि होम्योपैथी जन-जन की  पैथी है। डॉ सुरेंद्र सिंह ने कहा कि होम्योपैथी जन स्वास्थ्य का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। डॉ अरुण प्रकाश ने कहा कि होम्योपैथी को शिक्षा, शोध एवं विकास की पर्याप्त सुविधाए उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अभिषेक वर्मा ने कहा कि लगन एवं मेहनत से इसका अध्ययन करना चाहिए।