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ईश्‍वर भी हमारी उतनी ही फि‍क्र रखते हैं जितने कि माता-पिता

-विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस पर नूर मंजिल मनो चिकित्‍सा केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस पर  10 अक्‍टूबर को नूर मंजिल मनो चिकित्सा केंद्र के परिसर में, बाह्य विभाग ने मरीजों और उनके परिवार जनों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें डॉ अजय राजपूत और डॉ अंजली गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां प्रदान की।

यह जानकारी देते हुए नूरमंजिल मनो चिकित्‍सा केंद्र की चिकित्‍सक डॉ अंजलि गुप्‍ता ने बताया कि “आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, जिसका पहला आयोजन 1982 में हुआ था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक चिकित्सा सेवाओं को विकसित करना था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस ने 2016 में अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें बताया गया कि भारत में 20 में से एक व्यक्ति मानसिक रूप से पीड़ित है। इस कारण विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया, जो 1992 में विश्व फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ द्वारा शुरू किया गया था। प्रत्येक वर्ष, मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तहत विशेष थीम के अंतर्गत जागरूकता फैलाने का कार्य होता है। इस वर्ष 2023 में, विश्व मानसिक स्वास्थ्य की थीम ‘मेंटल हेल्थ: इज यूनिवर्सल ह्यूमन राइट’ के तहत रखी गई है।

आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राजपूत ने लोगों को बताया कि लोगों को तनाव मुक्त कैसे बनाएं और नींद और खुश रहने के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। नूरमंजिल की चिकित्‍सक डॉ अंजली गुप्ता ने  परिवारजनों की चिंता पर प्रकाश डालते हुए यह कहा कि ‘सभी परिवारजन सोचते हैं कि जब तक हम जीवित हैं, हम मरीज के देखभाल कर रहे हैं परंतु मेरे न रहने पर उनकी देखभाल कौन करेगा। इस समस्या का हाल चिंतनीय बताते हुए जागरूकता फैलाई की जिस प्रकार हमारे शरीर की हमारे लौकिक माता-पिता देखभाल करते हैं इस प्रकार हमारी आत्मा की सेवा एक अदृश्य शक्ति करती है जिसे हम प्रभु या खुदा कहते हैं।

उन्होंने इस बार पर जोर दिया कि वह ईश्वर भी हमारी उतनी ही फिक्र करते हैं जितनी हमारे माता-पिता। अतः परिवार जनों को मरीज के प्रति निराश होने की आवश्यकता नहीं है उन्हें मरीज के साथ-साथ अपने धैर्य और मेंटल हेल्थ की और ध्यान देना चाहिए। ‘उन्होंने जीवन में योग, मेडिटेशन, और आध्यात्मिक महत्व की चर्चा की।

कार्यक्रम में लखनऊ यूनिवर्सिटी और इग्नू के साइकोलॉजी के एंट्रेंस भी शामिल हुए, और उन्होंने मेंटल हेल्थ वॉक द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े चार्ट और विचारों को साझा किया, और लोगों को नए कानूनी अधिनियम के बारे में जानकारी दी।