Sunday , November 28 2021

पुरानी पेंशन बहाली के लिए शंखनाद रैली में कर्मचारियों ने भरी हुंकार

-अटेवा पेंशन बचाओे के तत्‍वावधान में इको गार्डेन में आयोजित की गयी रैली

-देश के कई राज्‍यों से आये पदाधिकारियों ने लिया पेंशन शंखनाद रैली में भाग

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय बन्धु ने कहा है कि जिस प्रकार सरकार ने किसान बिल किसानों के हितकर न समझते हुए वापस किये हैं, उसी प्रकार नई पेंशन योजना कर्मचारियों के लिए पूरी तरह फ्लॉप साबित होने के चलते सरकार को तुरंत इसे वापस कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए।

अटेवा पेंशन बचाओ मंच के आवाहन पर यहां इको गार्डेन में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आयोजित पेंशन शंखनाद रैली में बोलते हुए विजय बन्‍धु ने क‍हा कि नयी पेंशन प्रणाली से जीवन भर सरकारी सेवा करने वाले शिक्षक-कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। जहां NPS से लोंगो का भविष्य खराब हो रहा है, वहीं निजीकरण से युवाओं का वर्तमान खराब हो रहा है।

पी डब्ल्यू डी एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह ने कहा प्रदेश ही नहीं पूरे देश में नई पेंशन योजना से रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवार में आर्थिक संकट आ गया है। पी डब्ल्यू डी के महामंत्री रामराज दुबे ने कहा निजीकरण की व्यवस्था से युवाओं का वर्तमान अंधकारमय है सरकारी संस्थान हांफने लगे हैं, जोकि मध्यमवर्गीय जनता के साथ छलावा है।

पेंशन शंखनाद रैली में देश भर से आये हुए NMOPS के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भी रैली को संबोधित किया। रैली में प्रदेश भर के कर्मचारी, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने रैली को संबोधित किया। फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे के राजेन्द्र पाल ने कहा आज रेलवे को बेचा जा रहा है, यह देश के साथ गद्दारी है, इसे बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के प्रधान महासचिव अशोक कुमार और डिप्लोमा फॉर्मासिस्ट संघ के संदीप बडोला ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है। पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सम्मान है इसलिये कर्मचारियों की पुरानी पेंशन सरकार बहाल करे। उत्तराखंड NMOPS के जीतमणि पैलुणी ने कहा कि हाल ही में उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री ने NMOPS के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सुना और आश्वासन दिया।

सिंचाई विभाग के वरिष्ठ नेता राम लाल यादव और ड्राइंग स्टाफ एसोसिएशन के अमित कुमार ने कहा कि अटेवा द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिये किया जा रहा संघर्ष ऐतिहासिक है यह संघर्ष ही पुरानी पेंशन बहाल कराएगा। श्रम एवं सेवायोजन कर्मचारी परिषद के महामंत्री अमित कुमार यादव व उ0प्र0 पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता रामेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आज सफाई कर्मचारी से लेकर पुलिस कर्मचारी जनता की सेवा करता है फिर भी वह पेंशन से वंचित है यह कैसा न्याय। अब इन कर्मचारियों को सरकार पुरानी पेंशन बहाल कर न्याय प्रदान करें।

लखनऊ विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ0 मनोज पांडेय व उ0प्र0 लेखपाल संघ के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और यह हक मिलना ही चाहिये। लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश यादव व बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के महेंद्र सिंह ने कहा कि अटेवा द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। पुरानी पेंशन बहाल होकर रहेगी।

रैली को प्रमुख रूप से हैदराबाद से आये NMOPS के महासचिव जी. प्रजन्ना,  मध्यप्रदेश के परमानंद डहेरिया, दिल्ली के मंजीत पटेल,  दिल्ली सचिवालय के अधिकारी संघ के डी. एन. सिंह, हरियाणा से विजेंदर धारीवाल, कर्नाटक से रामनुजम पलेला, पंजाब से सुखविंदर सिंह, हिमाचल प्रदेश से नरेश ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, भरत शर्मा ने संबोधित किया।

नर्सेज संघ की सीमा शुक्ला ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक, कर्मचारी का हक है, इसलिए सरकार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पुरानी पेंशन बहाल करे।

रैली को अटेवा के प्रदेश पदाधिकारी चंद्रहास सिंह, सत्येंद्र राय, विजय प्रताप यादव, राकेश रमन, संजय उपाधयाय, डॉ आशाराम, जनार्दन शुक्ला, डॉ नीलम तिवारी, डॉ आनंदवीर, अशोक कनौजिया, डॉ निर्भय सिंह गुर्जर, धर्मेन्द्र गोयन, सुमन कुरील, रंजना सिंह, अभिनव सिंह, डॉ भूरी सिंह, पंकज गुप्ता, दयाशंकर, डॉ अब्बास, राजेश जायसवाल, कुलदीप सैनी, अखिलेश सिंह, ओम प्रकाश कनौजिया, पवन कुमार, राधा प्यारी रावत, डॉ रमेश चंद्र त्रिपाठी, संदीप वर्मा, वीरेंद्र पटेल आदि ने भी संबोधित किया। रैली को प्रदेश कांग्रेस प्रेसिडेंट अजय सिंह लल्लू ने भी संबोधित किया। रैली का संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ0 नीरजपति त्रिपाठी ने किया।

रैली के आयो‍जकों का कहना है कि भीड़ को ति‍तर-बितर करने के लिए प्रशासन ने कई जगह रुट का डायवर्जन कर लोंगो को भ्रमित कर दिया। जिससे हमारी पूरी संख्या इको गार्डन तक नहीं पहुंच सकी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

three × 4 =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.