डॉक्टरों ने अपनी मांगों को तर्क सहित गृह मंत्री के समक्ष रखा तो मिला आश्वासन

राजनाथ सिंह के लखनऊ प्रवास के दौरान आईएमए के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की लखनऊ शाखा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां स्थित केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात कर चिकित्सा सेवाओं में आ रही दिक्कतों के बारे में अवगत कराया। इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव डॉक्टर मोहम्मद अलीम सिद्दीकी, डॉ वैभव खन्ना, डॉ उपशम गोयल, डॉक्टर वारिजा सेठ, डॉक्टर सुनीता आदि शामिल रहे।

 

प्रतिनिधिमंडल ने राजनाथ सिंह को बताया कि कई स्थानों पर नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है, जो कि व्यवहारिक नहीं है। अपने इस दावे के पक्ष में उन्होंने मंत्री से बताया कि पहले जब टाउनशिप का प्लान किया गया था उस समय नर्सिंग होम या अस्पताल आदि के लिए जगह निर्धारित नहीं की गई थी, क्योंकि 70 से 80% इलाज जनता को निजी क्षेत्र से कराना पड़ रहा है, ऐसी स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर ये नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि खोले गए थे। सीलिंग की कार्यवाही को अगर पूरी तरह से लागू कर दिया गया तो इलाज के लिए आने वाले लोगों को दिक्कत होगी क्योंकि अभी भी लगभग 20 परसेंट लोगों का इलाज ही सरकारी अस्पताल कर पाते हैं।

 

चिकित्सकों ने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के बारे में मंत्री को अवगत कराया कि इसके तहत अगर डॉक्टर के ऊपर हमला होता है तो हमलावर को गिरफ्तार करने के साथ ही साथ उस की बेल सिर्फ हाईकोर्ट से ही होने का प्रावधान है लेकिन पुलिस विभाग को सम्भवतः जानकारी न होने की वजह से तथा जनता का दबाव होने की वजह से जब इस तरह की कोई घटना घटती है तो वह उल्टा डॉक्टर को ही बंद कर देती है इसलिए यह आवश्यक है कि पुलिस विभाग को मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के बारे में पूरी तरह जानकारी दी जानी चाहिए।

 

चिकित्सकों का मंत्री से यह भी कहना था कि हम लोगों को कमर्शियल एक्टिविटी के दायरे से बाहर रखा जाए क्योंकि हम पब्लिक यूटिलिटी एक्टिविटी करते हैं यानी मरीज के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए इलाज के रूप में उसकी सेवा करते हैं।

 

चिकित्सकों ने मंत्री से यह भी सुझाव रखा कि किसी भी टाउनशिप की प्लानिंग करते समय चिकित्सकों को भी उस टीम में शामिल किया जाए क्योंकि टाउनशिप के अंदर अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि के बारे में क्या जरूरतें हैं, इसकी प्लानिंग कैसे की जाए, इसकी बेहतर जानकारी एक चिकित्सक ही दे सकता है।

 

इस मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर सिद्दीकी ने बताया कि गृहमंत्री ने हम लोगों की सभी बातें बहुत ध्यान पूर्वक सुनीं और उन्हें हल करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने यह भी कहा की 1 सप्ताह में में शासन की ओर से इन मुद्दों पर बात करने के लिए डॉक्टरों को आमंत्रित किया जाएगा।