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लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी सुविधा शुरू कर लोकबंधु अस्‍पताल ने दिखाया जहां चाह, वहां राह

-अक्रियाशील पड़े सर्जरी उपकरणों को हमीरपुर से लाकर किया गया क्रियाशील

-स्‍थापना दिवस की पूर्व संध्‍या पर सात ऑपरेशनों से हुई लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी की शुरुआत

-एक महिला के पांच किलो का 10″ X 6″ X 5″ साइज का ट्यूमर बिना चीरा, बिना टांका निकाला गया

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। लोक बंधु राज नारायण संयुक्त  चिकित्सालय लखनऊ का 12वां स्थापना दिवस के मौके पर लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गयी है। स्‍थापना दिवस की पूर्व संध्‍या पर आज 29 दिसम्‍बर को चिकित्‍सालय में एक लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया। आज हुई सात लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी के साथ ही अस्‍पताल में लेप्रोस्‍कोपिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो गयी है। अस्‍पताल का स्‍थापना दिवस कल 30 दिसंबर को ओपीडी प्रांगण में भव्य समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है।

यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सक्सेना ने बताया है कि इससे अस्पताल के  इतिहास में प्रथम बार लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का अध्याय जुड़ा है इस कैंप में 5 पित्त की थैली की पथरी का ऑपरेशन तथा 2 बच्चेदानी का  ऑपरेशन दूरबीन विधि से किया गया जो कि ज़िला अस्पतालों में पहली बार हुआ। इसमें मरीज ऑपरेशन के दूसरे या तीसरे दिन ही डिस्चार्ज कर दिए जाएंगे।

उन्‍होंने बताया कि निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ दीपा त्यागी के कुशल प्रशासनिक नेतृत्व  के चलते लेप्रोस्कोपिक उपकरणों को संपूर्ण उत्तर प्रदेश के राजकीय चिकित्सालय से खोज कर  हमीरपुर से  लाया गया जो कि‍ पूर्ण रूप से क्रियाशील अवस्था में नहीं था, उन्‍होंने बताया कि प्रबल इच्छा शक्ति से सभी प्रकार  के उपकरणों को सही कराकर क्रियाशील किया गया ताकि इसे  प्रयोग में लाया जा सके। 

निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ दीपा त्यागी ने बताया कि अस्पताल में लेप्रोस्कोपी सर्जरी के लिए लोक बन्धु चिकित्सालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एवं प्रदेश भर के शल्य चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र बनाने के लिए दृढ़ संकल्प रखते हुए उन्होंने इस क्रम में प्रयास शुरू कर दिये हैं। आरंभ में अस्पताल में उपलब्ध शल्य चिकित्सकों को प्रशिक्षण के लिए उच्च संस्थानों में भेजा जायेगा तब तक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए  उच्च संस्थानों से शल्य चिकित्सकों के लिए अनुरोध किया जायेगा ताकि जनमानस को इसका त्वरित लाभ मिल सके।

चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि यह अस्पताल 2010 में स्थापित हुआ था तब से लेकर अभी तक यह अस्पताल नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ-साथ शीघ्र ही यहां ब्लड बैंक की स्थापना हो रही है, और जल्द ही कार्डियोलॉजिस्ट एवं इको काडिर्योग्राफी की व्यवस्था भी होने जा रही है। वर्तमान में स्त्री रोग विभाग अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है और इसमें प्रति माह लगभग 350 नॉर्मल डिलीवरी और 200 गायनीकोलॉजिकल सर्जरी हो रही हैं। इस वर्ष  चिकित्सालय में 378493 ओपीडी, 13750 आई पी डी एवं 2500 ऑपरेशन किये जा चुके हैं।

उन्‍होंने बताया कि अस्पताल का प्रशासन लगातार विकास के गुणवत्ता मानकों के प्रति  खरा उतरने के समर्पित रहता है और अब  प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सालयों में इसे जाना जाता है। उन्‍होंने बताया कि

वर्ष  2022 में  चिकित्सालय ने भारत सरकार द्वारा चिकित्सीय गुणवत्ता  अश्वासन के लिए एनक्यूएएस एवं लक्ष्य इनिशिएटिव को उच्चतम स्कोर से सर्टिफाइड कराया एवं कायाकल्प अवॉर्ड योजना के तहत प्रदेश भर में संयुक्त चिकित्सालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 

डॉ त्रिपाठी ने बताया कि पैथोलॉजी विभाग का उच्चीकरण किया गया है और एन ए बी एल  15189  का सर्टिफिकेशन भी प्राप्‍त किया गया। पैथोलॉजी विभाग में FNAC की भी  शुरुआत हुई। इसके अतिरिक्‍त सी टी मशीन की सुविधा के शुरू होने से जन मानस को लाभ मिलना शुरू हो गया  हैं।  वर्ष 2022 में  पार्किंग एरिया में नवग्रह एवं नक्षत्र वाटिका डॉक्टर्स डे के शुभ अवसर पर बनाया गया, रेन बसेरा एवं प्रशासनिक भवन को बनाने के कार्य का भी शुभारम्भ किया गया, रेडियोलोजी विभाग में प्रेग्नेन्सी के दौरान शिशु के विकास के दौरान  विकृत को पहचानने के अति महत्वपूर्ण जांच टिफा स्कैन की शुरुआत की गयी।

वर्ष 2023 में लोक बंधु राज  नारायण संयुक्त चिकित्सालय ने अपनी विकास की छवि को बनाये रखने के लिए लक्ष्य निर्धारित किये हैं, इनके तहत सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनाया जाना 15  वित्तीय आयोग के तहत विश्व स्तर के इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनाने का प्रावधान है, इससे भविष्य में होने वाले महामारी, संक्रमण की राष्ट्रीय स्तर  पर जांचें की जा सकेंगी  और बीमारियों को फैलने से बचाया जा सकेगा।

उन्‍होंने बताया कि ईसीआरपी के तहत चिकित्सालय के उच्चीकरण के लिए 42 शैय्या की एचडीयू का प्रावधान किया गया। चिकिसालय को 500 शैय्या तक बढ़ाए जाने का लक्ष्य है जिसमें विशिष्ट चिकित्सा सुविधाएं शामिल की जायेंगी। चिकित्सालय में फेको विधि से कैटरेक्ट सर्जरी  विधि से ऑपरेशन की सुविधा भी दी जायेगी।

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