-केजीएमयू के 22वें दीक्षांत समारोह में 20 मेधावियों को पदक, प्रदान की गयीं कुल 1707 उपाधियां
-तालियों की गड़गड़ाहट के बीच टॉपर दीप्ति शर्मा को प्रतिष्ठित चांसलर और हीवेट मेडल सहित 19 सम्मान


सेहत टाइम्स
लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जब कोई व्यक्ति बीमारी और पीड़ा से गुजरता है, तब वह ईश्वर और अपने परिवार के बाद सबसे अधिक विश्वास चिकित्सक पर करता है। यही वह वजह है जो चिकित्सा पेशे को अन्य व्यवसायों से अलग बनाती है। राजनाथ सोमवार 13 जुलाई को यहां अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए दीक्षांत भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा और सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा जा रहा है। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की।

समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किये जाने के साथ ही विद्यार्थियों को 1707 उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह का मुख्य आकर्षण टॉपर एमबीबीएस की छात्रा दीप्ति शर्मा रहीं। दीप्ति शर्मा ने प्रतिष्ठित चांसलर और हीवेट मेडल के साथ ही यूनिवर्सिटी ऑनर्स गोल्ड मेडल, प्रोविंशियल मेडिकल सर्विसेज़ एसोसिएशन गोल्ड मेडल समेत 19 पदक व सर्टीफिकेट हासिल किये हैं। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल और मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह ने दीप्ति को मेडल, सर्टिफिकेट प्रदान किये। दीप्ति की मेहनत और सफलता का स्वागत करने के लिए हॉल में उपस्थित सभी ने खड़े होकर उनके लिए तालियां बजायीं।
राजनाथ सिंह ने सभी उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि शिक्षकों, अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की सेवा, संवेदनशीलता और उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा रही है तथा इस संस्थान से जुड़े प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है कि वह इन मूल्यों को आगे बढ़ाए। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा-भाव, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार को अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया, साथ ही योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने, चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा अंगदान के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से देश में सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। नए मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार से भारत का स्वास्थ्य तंत्र अधिक सुलभ, आधुनिक, जनकेंद्रित एवं आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने का आह्वान किया।

कई बार विश्वास से भरे शब्द दवा से ज्यादा प्रभावी होते हैं : राज्यपाल
राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के बेटे और बेटियाँ अपने ज्ञान, कौशल एवं चरित्र के बल पर ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का सर्वाेच्च माध्यम है। रोगी चिकित्सक के पास केवल उपचार के लिए नहीं, बल्कि जीवन की आशा लेकर आता है। ऐसे में चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार, धैर्य और विश्वास से भरे शब्द भी कई बार दवा से अधिक प्रभावी सिद्ध होते हैं।
सभी डिग्रियों एवं अंकपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों की अंकतालिकाएं एवं डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड की जा रही हैं, लेकिन अनेक विद्यार्थी इस सुविधा का उपयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों को डिजिलॉकर के उपयोग के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि वे घर बैठे अपने मोबाइल से अपनी डिजिटल अंकतालिका एवं डिग्री डाउनलोड कर सकें और अनावश्यक भागदौड़ से बच सकें।
उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1905 में स्थापित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। विश्वविद्यालय की ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग 19 लाख मरीजों की सेवा होती है। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त होने, एनआईआरएफ रैंकिंग में चिकित्सा श्रेणी में देश में आठवाँ तथा डेंटल श्रेणी में सातवाँ स्थान प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च सेंटर का देश के आठवें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उच्चीकृत होना तथा वर्ष 2025 का फिक्की हेल्थकेयर एक्सीलेंस अवॉर्ड प्राप्त करना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उत्कृष्टता का प्रमाण है।
प्रदेश की पहली रोबोटिक ह्यूमन कैडेवेरिक वेट लैब की स्थापना तथा हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से किफायती दरों पर दवाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भविष्य में भी नई ऊँचाइयाँ स्थापित कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएगा।
अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें युवा चिकित्सक
राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण, सुरक्षित प्रसव और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर ही स्वस्थ एवं संस्कारित पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का उल्लेख करते हुए युवा चिकित्सकों से अपने जीवन के प्रारंभिक वर्षों में कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया। साथ ही निजी अस्पताल एवं क्लिनिक संचालित करने वाले चिकित्सकों से निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
निरंतर सीखने से सफलतापूर्वक किया जा सकता है चुनौतियों का सामना
राज्यपाल ने नव चिकित्सकों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान निरंतर विकसित हो रहा है और जो चिकित्सक आजीवन सीखता रहता है, वही समय की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है। राज्यपाल ने दीक्षांत व्याख्यान के लिए राजनाथ सिंह को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग एवं स्टेशनरी आदि वस्तुयें प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने जन भवन की ओर से विद्यालयों के शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें भी भेंट कीं। एचपीवी टीकाकरण अभियान के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को फैकल्टी अवार्ड भी प्रदान किए। समारोह में नीति आयोग के सदस्य एम. श्रीनिवासन को उनकी अनुपस्थिति में डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल की रेल यात्रा से गया सकारात्मक संदेश : ब्रजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा में फैकल्टी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से योग्य शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा-भाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने तथा मरीज को भगवान का स्वरूप मानकर उसकी सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा रेल यात्रा कर आमजन के बीच जाने से सार्वजनिक परिवहन के उपयोग तथा जनता से जुड़ाव का सकारात्मक संदेश गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना, विकास यात्रा तथा चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उसके महत्त्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
डॉ. एम. श्रीनिवास को मानद डी.एससी. उपाधि
समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डी.एससी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।
इन्हें किया गया पुरस्कृत

फैकल्टी अवॉर्ड: प्रो. आर.के. गर्ग को प्रो. के.बी. भाटिया गोल्ड मेडल (प्रतिष्ठित फैकल्टी, मेडिसिन और संबंधित सुपर-स्पेशियलिटीज़)
फैकल्टी एप्रिसिएशन अवार्ड्स:
1. डॉ. ऋषि सेठी (कार्डियोलॉजी),
2. डॉ. शालिनी त्रिपाठी (पीडियाट्रिक्स),
3. डॉ. दुर्गेश कुमार द्विवेदी (रेडियोलॉजी)
4. डॉ. सुजीत कुमार कर (साइकियाट्री)
वाइस चांसलर एप्रिसिएशन अवार्ड्स
ट्रॉमा टीम: डॉ. प्रेम राज सिंह, डॉ. सोमिल जायसवाल, डॉ. अमिय अग्रवाल
HRF टीम: डॉ. कुमार शांतनु, डॉ. बालेंद्र प्रताप सिंह
डॉ. सुरेंद्र कुमार – चेयरमैन I/C, HR कमिटी
डॉ. रश्मि कुशवाहा – डीन, स्टूडेंट वेलफेयर और प्रेसिडेंट, स्पोर्ट्स एसोसिएशन, KGMU
डॉ. प्रदीप टंडन – प्रोफेसर, ऑर्थोडॉन्टिक्स और डेंटोफेशियल ऑर्थोपेडिक्स (लाइफ टाइम डेडीकेशन)
DM/MCh – 10 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को गोल्ड मेडल: डॉ. प्रभात शुक्ला (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी), डॉ. प्रीति गुप्ता (न्यूरोलॉजी), डॉ. सरितेश कुमार ठाकुर (न्यूरोलॉजी), डॉ. जितेंद्र यादव (यूरोलॉजी), डॉ. रूपल प्रसाद (रुमेटोलॉजी), डॉ. साकेत रामरायका (कार्डियोलॉजी), डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (कार्डियोलॉजी), डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव (पल्मोनरी मेडिसिन), डॉ. जेसन गोलमेई (न्यूरोसर्जरी), श्रीवत्स मिश्रा (प्लास्टिक सर्जरी)।
MSc नर्सिंग: साक्षी त्रिपाठी – पद्मश्री डॉ. सब्यसाची सरकार गोल्ड मेडल।
बेस्ट PG थीसिस: डॉ. शालिनी सिंह (फार्माकोलॉजी) और डॉ. अरित्र साहा (क्लिनिकल हेमेटोलॉजी) को स्कॉलरशिप-कम-अवॉर्ड।
खेल-कूद (Sports): निखिल वर्मा बकली कप; दिव्यांशी सिंह चैंपियन एथलीट (गर्ल्स), DRONA 2025।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। समारोह में जनपद हरदोई के 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किटें वितरित की गईं। साथ ही पुलिस लाइन में कार्यरत पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 200 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, विश्वविद्यालय सभा एवं कार्य परिषद के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, स्कूली शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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