Sunday , November 1 2026

23वे दिन में प्रवेश कर गया नसों का 2 घंटे कार्य बहिष्कार

-राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश की पीड़ा, मांगों पर उपमुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव की सहमति के बाद भी शासनादेश में विलम्ब क्यों

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज 23वें दिन भी प्रदेश भर के समस्त जिला चिकित्सालयों एवं राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग संवर्ग द्वारा काला दिवस मनाते हुए सुबह 2 घंटे (8 से 10 बजे) कार्य बहिष्कार जारी रखा गया।

राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि यह आंदोलन 9 अक्टूबर से अपनी 13 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर लगातार जारी है। संघ ने स्पष्ट किया है कि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं अपर मुख्य सचिव अमित घोष के साथ हुई वार्ता में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, जब तक उन पर शासनादेश निर्गत नहीं होता, तब तक यह 2 घंटे का कार्य बहिष्कार अनवरत जारी रहेगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासनादेश जारी करने में और विलंब किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

संघ की प्रमुख मांगें
1. गृह जनपद में तैनाती एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू हो।
2. निदेशालय से चिकित्सालय स्तर तक समस्त रिक्त पदों पर समयबद्ध पदोन्नति की जाए।
3. महिला कर्मचारियों के लिए अस्पतालों में पालनाघर (क्रेच) की व्यवस्था हो।
4. उच्च शिक्षा हेतु बीएससी नर्सिंग की भांति सवेतन अध्ययन अवकाश दिया जाए।
5. जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत संस्थानों में कार्यरत स्टाफ को वहीं समायोजित किया जाए, पद समाप्त न किए जाएं।
6. उच्च संस्थानों के अनुरूप समान भत्ते प्रदान किए जाएं।
7. चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग के उच्च/प्रशासनिक रिक्त पदों पर तत्काल पदोन्नति हो।
8. पात्र कार्मिकों को समयबद्ध ACP का लाभ दिया जाए।
राजकीय नर्सेस संघ शासन से मांग करता है कि वार्ता में बनी सहमति का सम्मान करते हुए तत्काल शासनादेश जारी किया जाए।