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विकसित यूपी 2047 के लिए मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली पर एसएचएसआरसी की गोल मेज बैठक 23 जुलाई से

-एसजीपीजीआई में स्थापित इस केंद्र की दो दिवसीय बैठक का विषय है ‘रणनीतिक रोडमैप विकास’

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र – उत्तर प्रदेश (SHSRC-UP), जिसे अस्पताल प्रशासन विभाग, संजय गांधी पीजीआई, लखनऊ में संस्थागत रूप दिया गया है, को राज्य परिवर्तन आयोग – उत्तर प्रदेश की तकनीकी सहायता इकाई के रूप में स्थापित किया गया है। 23-24 जुलाई 2026 को केंद्र दो दिवसीय एक गोल मेज बैठक का आयोजन कर रहा है।

केंद्र की संचालन समिति की अध्यक्ष डॉ पिंकी जोवेल एवं सह अध्यक्ष एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन हैं। इस केंद्र के कार्यकारी निदेशक एसजीपीजीआई के अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश हर्षवर्धन के समन्वित प्रयास और राज्य परिवर्तन आयोग-उत्तर प्रदेश के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में स्थापित यह केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के उद्देश्यों, राज्य परिवर्तन आयोग की प्राथमिकताओं और ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ तथा ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप काम करेगा।

राज्य-स्तरीय शीर्ष तकनीकी थिंक टैंक

प्रो आरके धीमन और प्रो हर्षवर्धन की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि यह केंद्र स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए राज्य-स्तरीय शीर्ष तकनीकी थिंक टैंक के रूप में परिकल्पित, SHSRC-UP स्वास्थ्य सेवा के विविध क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार को रणनीतिक, तकनीकी और कार्यान्वयन सहायता प्रदान करके नीति को व्यवहार में लाने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह गोलमेज बैठक प्रख्यात नीति निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्वास्थ्य सेवा नेताओं, शिक्षाविदों, विकास भागीदारों और देश भर के डोमेन विशेषज्ञों को एक साथ लाएगी ताकि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने में उभरती चुनौतियों, नवाचारों और अवसरों पर विचार-विमर्श किया जा सके। संरचित विषयगत चर्चाओं के माध्यम से, इस बैठक का उद्देश्य SHSRC-UP के लिए एक साझा दृष्टिकोण और कार्रवाई योग्य रोडमैप विकसित करना है।

अगले पांच वर्षों के लिए विकसित होगी कार्य योजना

विज्ञप्ति के अनुसार इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय तकनीकी संस्थानों, अग्रणी शैक्षणिक संगठनों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्वास्थ्य सेवा प्रशासकों और विकास भागीदारों के शामिल होने की आशा है। इस गोलमेज बैठक के परिणामों से SHSRC-UP की नींव रखने और अगले पांच वर्षों के लिए कार्य योजना विकसित करने की परिकल्पना की गई है, ताकि यह स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और रणनीतिक स्वास्थ्य शासन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में उभर सके, जो उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।