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महर्षि सुश्रुत ने 2600 वर्ष पूर्व ही बता दी थी रीकन्स्ट्रक्टिव और राइनोप्लास्टी सर्जरी की तकनीक

-वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे पर आईएमए ने आयोजित की वैज्ञानिक संगोष्ठी

सेहत टाइम्स

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), लखनऊ शाखा द्वारा 15 जुलाई को आईएमए भवन में वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे के अवसर पर एक वैज्ञानिक संगोष्ठी (CME) का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि महर्षि सुश्रुत को विश्वभर में प्लास्टिक सर्जरी का जनक (Father of Plastic Surgery) माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पूर्व उन्होंने पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (Reconstructive Surgery) एवं राइनोप्लास्टी (Rhinoplasty) जैसी तकनीकों का विस्तृत वर्णन किया था। यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो उनके वैश्विक योगदान और चिकित्सा विज्ञान में भारत की प्राचीन विरासत का सम्मान है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्लास्टिक सर्जरी के विभिन्न आधुनिक आयामों पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. मुक्ता वर्मा ने Facial Rejuvenation, डॉ. ऋचा श्रीवास्तव ने Breast Reduction, डॉ. नीरज उपाध्याय ने Hair Transplantation, डॉ. विवेक सक्सेना ने Unwanted Hair Removal तथा डॉ. रवि कुमार ने Life After Oral Cancer Surgery विषय पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर आईएमए लखनऊ की मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. संजय सक्सेना तथा कार्यकारिणी सदस्य डॉ. रितु सक्सेना, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. राजीव सक्सेना सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं आईएमए सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।