-कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्स
लखनऊ। महिलाओं में गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा इसके शीघ्र निदान एवं समय पर उपचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान, लखनऊ में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्त्री एवं स्त्रीरोग कैंसर विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. प्रियंका सिंह के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियंका सिंह ने “गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर क्या है एवं इसका प्रबंधन कैसे किया जाता है” विषय पर व्याख्यान देते हुए इस रोग के कारणों, लक्षणों, शीघ्र पहचान तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी।
सामान्य चिकित्सा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एस. प्रिया ने “जीवनशैली में सुधार द्वारा गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर की रोकथाम” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली एवं वजन नियंत्रण को कैंसर की रोकथाम के महत्वपूर्ण उपाय बताया।
रेडियोथेरेपी एवं कीमोथेरेपी की भूमिका
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रुमिता सिंह ने “गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर के उपचार में रेडियोथेरेपी एवं कीमोथेरेपी की भूमिका” विषय पर प्रस्तुति देते हुए रोग के प्रभावी उपचार में आधुनिक रेडियोथेरेपी एवं कीमोथेरेपी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सिंग अधिकारियों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सपना कुमारी ने प्रथम स्थान तथा राज नंदनी राय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर के प्रति जागरूकता, शीघ्र पहचान एवं बचाव का प्रभावी संदेश प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन प्रो. शरद सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. एस. प्रिया एवं डॉ. रुमिता सिंह की उपस्थिति में आयोजित पैनल चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। इस दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों ने गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर के लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव, स्क्रीनिंग एवं उपचार से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से उत्तर दिया।
विशेषज्ञों ने महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, किसी भी असामान्य लक्षण की अनदेखी न करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “समय पर जागरूकता, समय पर निदान और समय पर उपचार ही गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की कुंजी है।”

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