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तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबन्ध के लिए डॉ सूर्यकान्त ने नौवीं बार लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

-विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (31 मई) पर हर साल पत्र लिखकर करते हैं प्रतिबंध की मांग

डॉ सूर्यकान्त

सेहत टाइम्स

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस प्रतिवर्ष 31 मई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 1988 में की गई थी। इस वर्ष की थीम – ’’आकर्षण का पर्दाफाश- निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना।’’ है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को तम्बाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तम्बाकू के उपयोग को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों को बढ़ावा देना है।

सिगरेट पीने वाले के साथ ही दूसरे भी होते हैं प्रभावित

इस दिवस पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 सूर्यकान्त ने बताया कि तम्बाकू के धुएं से 7000 हानिकारक रसायनिक पदार्थ निकलते हैं, जिनमें निकोटीन और टार प्रमुख हैं। इसके धुएं है में लगभग 150 ऐसे तत्व पाये जाते है जो की कैंसर कारक हैं। जिसके कारण 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं। बीड़ी, सिगरेट व तम्बाकू से कैंसर के अतिरिक्त 25 तरह की अन्य बीमारियाँ भी हो सकती हैं। बीड़ी या सिगरेट का धुआं उसको पीने वाले के फेफडे़ में 30 प्रतिशत जाता है व आस-पास के वातावरण में 70 प्रतिशत रह जाता है। जिससे परिवार के लोग और उसके मित्र प्रभावित होते हैं, इसे हम परोक्ष धूम्रपान कहते हैं। इस परोक्ष धूम्रपान से यदि गर्भवती महिला प्रभावित होती है तो इसके गर्भ में पल रहे शिशु का विकास रूक सकता है तथा गर्भ के अन्दर शिशु की मृत्यु भी हो सकती है।

-भारत में प्रतिदिन होती है 3500 लोगों की मौत

डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि प्रतिवर्ष तम्बाकू एवं धूम्रपान के कुप्रभाव के कारण विश्व में लगभग 87 लाख तथा भारत में 13.5 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। अर्थात भारत में लगभग 3500 लोगों की मृत्यु प्रतिदिन तम्बाकू और इसके उत्पादों के स्वास्थ्य पर होने वाले खतरनाक दुष्प्रभावों के कारण होती है।

ज्ञात हो डॉ सूर्यकान्त पिछले 9 वर्षों से लगातार “वर्ल्ड नो टोबैको डे“ पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबन्ध की मांग करते आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ-साथ उ0प्र0 की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल, उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जे पी नड्डा, राज्यमंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अनुप्रिया पटेल और प्रतापराव गणपतराव जाधव, उ0प्र0 के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री ब्रजेश पाठक तथा डा0 सुनीता शर्मा, डीजीएचएस, भारत सरकार को भी उन्होंने पत्र भेजा है। डा0 सूर्यकान्त को आशा है कि उनके द्वारा भेजे गये पत्र पर देश के हित को ध्यान में रखते हुए तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जायेगा, जिससे पर्यावरण और मानव जाति को इस से छुटकारा मिलेगा।