Wednesday , May 13 2026

सर्जरी के बाद के संक्रमण से बचाव के लिए विशेष कार्यशाला होगी आयोजित

-कल्‍याण सिंह कैंसर इंस्‍टीट्यूट में नर्सिग और ओटी स्‍टाफ के लिए किया जा रहा आयोजन

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। यहां स्थित कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान में 13 अक्‍टूबर को प्रात: 11 से अपरान्‍ह डेढ़ बजे तक सर्जिकल देखभाल में स्टेरिलिटी के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से नर्सिंग और ओटी स्टाफ के लिए एक व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

संस्थान की माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डा0 मनीषा गुप्ता एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ अंकुर वर्मा, डा0 दुर्गेश कुमार, डॉ अशोक कुमार एवं डा0 गौरव सिंह के सहयोग से मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह अहम पहल की गई है। कार्यशाला में कैंसर के इलाज के क्षेत्र में स्टेरिलिटी एश्‍योरेंस के महत्व को अधिष्ठापित करने का प्रयास किया जायेगा। यह कार्यशाला ओपीडी ब्‍लॉक के द्वितीय तल पर डीएमजी रूम में आयोजित की जायेगी। इस कार्यशाला में विभिन्न चिकित्सक, उपकरणों के विशेषज्ञ, नर्सिंग और ओटी स्टाफ शामिल होंगे, जो अपने अनुभवों को साझा करेंगे और स्टेरिलिटी के उपयुक्त तरीकों की समीक्षा करेंगे। कार्यशाला के दौरान, सर्जिकल उपकरणों की स्टेरिलिटी और उनकी एश्‍योरेंस के महत्व पर चर्चा की जायेगी और विभिन्न प्रक्रियाओं, तकनीकों और दिशानिर्देशों को समझाने का प्रयास किया जायेगा।

यह कार्यक्रम नर्सिंग और ओटी स्टाफ के लिए है जो मूल्यांकन और प्रमाण-पत्र के वितरण के साथ समाप्त होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्‍थान के निदेशक डॉ आरके धीमन तथा विशिष्‍ट अतिथि चिकित्सा अधीक्षक एवं चेयरमैन, हॉस्पिटल इन्‍फेक्‍शन कंट्रोल कमेटी डॉ देवाशीष शुक्ला होंगे।

डा0 देवाषीष शुक्ला ने बताया, “स्टेरिलिटी एश्‍योरेंस सुरक्षित सर्जरी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो हमारे रोगियों के इलाज में सुरक्षा और प्रभाव सुनिश्चित करता है। यह कार्यशाला हमारे स्वास्थ्य सेवाओं में स्टेरिलिटी के महत्व को समझाने और उसका अनुसरण करने के लिए महत्वपूर्ण है”।

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ मनीषा गुप्ता के मुताबिक इस प्रकार की कार्यशाला से अस्पतालों में सर्जरी के बाद होने वाले संक्रमण के खतरे को दूर किया जा सकेगा और एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग को कम किया जा सकेगा।