Sunday , July 26 2026

डिप्‍टी सीएम, भाजपा विधायकों, चिकित्‍सा प्रकोष्‍ठ ने लिया टीबी मरीजों को गोद

मोदी के जन्‍मदिन पर मनाये जा रहे सेवा पखवाड़ा में लिया मरीजों को गोद

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्‍तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई विधायकों व भाजपा और उसके अन्‍य संगठन के पदाधिकारियों ने टीबी से ग्रस्‍त मरीजों को गोद लिया। चिकित्सा प्रकोष्ठ भाजपा लखनऊ महानगर के संयोजक व टीबी मुक्त राष्ट्र अभियान लखनऊ महानगर प्रमुख डॉ.शाश्वत विद्याधर के नेतृत्व में चिकित्सा प्रकोष्ठ लखनऊ के चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में टीबी मरीजों को गोद लिया।

यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार चिकित्सा प्रकोष्ठ से संयोजक डॉ शाश्वत विद्याधर  के नेतृत्‍व में  सहसंयोजक डॉ अभिषेक श्रीवास्तव,  सहसंयोजक डॉ एस के सिंह,  डॉ राकेश कुमार गुप्ता,  डॉ चंद्रमा मनु, डॉ राकेश कुमार श्रीवास्तव,  डॉ अंकित कपूर, डॉ नईम अहमद शेख,  डॉ चंद्र प्रकाश गौड़,  डॉ पद्मेश मिश्रा, डॉ मोहम्मद इरशाद, डॉ धीरेंद्र अवस्थी,  डॉ भीम सिंह नेगी, डॉ कुलभूषण शुक्ला,  डॉ संदीप सिंह गौर, डॉ अजय प्रताप सिंह आदि चिकित्सकों ने मरीज गोद लिए।

उत्तर प्रदेश उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,  पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री/विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ला, लखनऊ महानगर अध्यक्ष/विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा,  महापौर संयुक्ता भाटिया,  विधायक आशुतोष टंडन, विधायक डॉ नीरज बोरा,  विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, विधान परिषद सदस्य मोहसिन रजा, विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब, विधान परिषद सदस्य डॉ महेंद्र सिंह,  प्रदेश उपाध्यक्ष/विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक,  प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह,  प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, पूर्व विधायक/पूर्व मंत्री स्वाति सिंह,  पूर्व विधायक प्रत्याशी अंजनी श्रीवास्तव,  पूर्व विधायक प्रत्याशी रजनीश गुप्ता,  उपाध्यक्ष व्यापारी कल्याण बोर्ड मनीष गुप्ता, प्रदेश संयोजक आर्थिक प्रकोष्ठ सुधीर हलवासिया, चेयरमैन कोऑपरेटिव बैंक दिनेश तिवारी, सदस्य अल्पसंख्यक आयोग रूमाना सिद्दीकी,  चेयरमैन राजधानी बैंक मान सिंह, सदस्य अल्पसंख्यक आयोग सरदार परविंदर सिंह ने भी टीबी मरीज़ गोद लिए। भाजपा ने निक्षय मुक्त कार्यक्रम के माध्यम से टीबी को पूरे देश में समाप्त करने का संकल्प लिया है। इस अभियान के अंतर्गत गोद लेने वाले लोग एक वर्ष के लिए रोगी को गोद लेकर उनके भोजन, पोषण एवं आजीविका के संबंध में सेवा का कार्य करेंगे।