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होम्‍योपैथी के प्रति समर्पित डॉ अनुरुद्ध वर्मा ‘अंतिम यात्रा’ पर रवाना

-एक माह से फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से थे ग्रस्‍त, रविवार सुबह दम तोड़ा

डॉ अनुरुद्ध वर्मा

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। केन्द्रीय होम्योपैथिक परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अनुरुद्ध वर्मा का आज रविवार 31 अक्‍टूबर को सुबह निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। डॉ वर्मा पिछले एक माह से फेफड़ों के संक्रमण से ग्रस्‍त थे, उनका निधन उनके यहां इंदिरानगर स्थित आवास पर पर हुआ है। बताया जा रहा है तबीयत में सुधार होने पर उन्‍हें अस्‍पताल से छुट्टी लेकर घर ले आया गया था।  

परिजनों के अनुसार करीब एक माह पूर्व उनके फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण उन्‍हें यहां एक निजी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्‍हें कई दिनों तक आईसीयू में भी रखा गया था। हालत में सुधार होने पर उन्‍हें घर ले आया गया था। परिजनों के अनुसार आज सुबह उनकी तबीयत ठीक दिख रही थी, उन्‍होंने नाश्‍ता किया, इसके बाद उन्‍हें एक उल्‍टी आयी। आनन-फानन में डॉ वर्मा को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया।

डॉ वर्मा अपने पीछे पत्‍नी, बच्‍चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं। ज्ञात हो डॉ अनुरुद्ध वर्मा का होम्‍योपैथी के प्रति बहुत समर्पण था। उन्‍होंने अपने निवास का नामकरण भी होम्‍योपैथी भवन के नाम से किया था। इसके अलावा समय-समय पर होम्‍योपैथी के विकास के लिए किसी न किसी तरह के कार्यक्रमों का आयो‍जन करते रहते थे। यही नहीं उन्‍हें लिखने-पढ़ने का भी बहुत शौक था। मीडिया और अखबारों में उनके लेख आदि प्रकाशित होते रहते थे। कह सकते हैं कि होम्‍योपैथी के प्रति उनका समर्पण इतना ज्‍यादा था कि वे कई बार ‘एकला चलो रे’ की तर्ज पर अपने कार्य को अंजाम देते थे।  

उनके निधन की खबर सुनते ही उनके चाहने वाले स्‍तब्‍ध रह गये। जिसने भी सुना वह उनके किये गये अच्‍छे कार्यों का जिक्र किये बिना रह नहीं पाया। चारों तरफ से शोक संवेदनाओं का तांता लग गया। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक आवास बाराबंकी स्थित तिंदोला में किया गया। परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, परिजन बमुश्किल डॉ अनुरुद्ध के बारे में समाचार लिखने के लिए जानकारी दे सके हैं। ‘सेहत टाइम्‍स’ परिवार भी उनको अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।