विश्वस्तरीय डायबिटीज सेंटर बन  सकता है इस सरकारी अस्पताल में

 

अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधि मंडल ने लिया अस्पताल का जायजा

 

लखनऊ. भारत में तेजी से पैर पसार रही  डायबिटीज की बीमारी के इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल में विश्वस्तरीय केंद्र की स्थापना हो सकती है. प्रदेश के सबसे बड़े इस चिकित्सालय  में डायबिटीज के  साथ ही दिल की बीमारियों के इलाज की भी सम्पूर्ण सुविधाएं इस अस्पताल को मिलने की संभावना है.

ये विशेष सेंटर अमेरिकी कम्पनी मेट्रानिक बनाएगी. इस पर अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बातचीत में लिया जायेगा. अमेरिकी कम्पनी मेट्रानिक के 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने आज बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक डॉ. राजीव लोचन से मिलकर स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की पेशकश की. इस पेशकश में विशेष रूप से उन्होंने डायबिटीज की बीमारी के इलाज के लिए सभी सुविधाएं देने की पेशकश की. प्रतिनिधि मण्डल ने स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी, एन्जिओ प्लास्टी कार्डियोलॉजी, आईसीयू तथा बेहतर प्रबन्धन आदि में भे सहयोग करने की बात कही है।

भेंट के दौरान निदेशक डा. राजीव लोचन ने अमरीकी कम्पनी के प्रतिनिधिमण्डल को बताया कि केन्द्र सरकार की वैश्विक नीति के कारण देश तेजी से हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक प्रभावी योजनाएं एवं कार्यक्रम प्रदेश में चलाये जा रहे हैं ताकि आमलोगों को सर्वसुलभ चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें.

डा. लोचन ने बताया कि ई-हास्पिटल की शुरूआत हो चुकी है। अमरीकी प्रतिनिधिमण्डल ने बलरामपुर अस्पताल के ओपीडी, पंजीकरण काउन्टर, एआरबी/इन्जेक्शन कक्ष, दवाखाना, दन्त विभाग, औषधि वितरण, बर्न वार्ड, डीलक्स प्राइवेट वार्ड, पैथालोजी एवं माइक्रो बायोलोजी आदि का निरीक्षण कर अस्पताल की कार्यप्रणाली को जाना. इस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राबर्ट ब्रास, मदन कृष्णन, विनय, डा. अंशुमन, श्वेता आदि शामिल थे.