गर्दन में गोली अभी भी फंसी है, केजीएमयू रेफर किया गया
गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के केस में जमानत पर छूटे डॉ. कफील ने अपने भाई के ऊपर हुए हमले के पीछे इस काण्ड के होने से इनकार नहीं किया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दूसरी ओर यूपी पुलिस ने डॉक्टर कफील खान के भाई कासिफ जमील पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। गोरखपुर में बीआरडी ऑक्सिजन केस से चर्चा में आए डॉ. कफील खान के भाई की हालत खराब होने पर उन्हें लखनऊ के केजीएमयू हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया, ज्ञात हो कासिफ पर रविवार की रात अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिनमें से 3 गोलियां उन्हें लगी। खबर यह भी है कि बांह के ऊपरी हिस्से और चेहरे पर नीचे की तरफ लगी गोलियों को तो निकाल लिया गया है, लेकिन गर्दन में एक गोली अभी फंसी हुई है। सोमवार को उनकी सर्जरी हुई, लेकिन मंगलवार को हालत बिगड़ने पर उन्हें केजीएसयू रेफर कर दिया गया।
जमीन विवाद हो सकता है अटैक की वजह
डीआईजी (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुश्मनी के ऐंगल को भी तलाशा जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि कासिफ का आपराधिक इतिहास वाले कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। परिजनों से भी पूछताछ जारी है। सबूत के आधार पर संदिग्धों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।’
बता दें कि डॉ. कफील खान के छोटे भाई कासिफ जमील पर रविवार देर रात करीब 10.30 बजे गोरखनाथ पुल से उतरने के बाद जेपी हॉस्पिटल के पास जानलेवा हमला हुआ। निजी काम से वापस घर लौट रहे थे। पुल से उतरते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में पल्सर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। इसके बाद कई राउंड फायर किए। बताया जा रहा है कि वह खुद बाइक चलाते हुए अस्पताल पहुंचे। इसके बाद परिवार को सूचना दी गई। कासिफ को तीन गोलियां लगीं।
कफील जता चुके हैं जान का खतरा
हालांकि डॉक्टर कफील ने इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया कि भाई पर हुए जानलेवा हमले के तार बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की हुई मौत से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने जान को खतरा बताया, जबकि कासिफ की मां नुजहत परवीन ने फैमिली के लिए सुरक्षा की मांग की। आपको बता दें कि डॉ. कफील खान और उनका परिवार लगातार प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाता रहा है। बीआरडी केस में जेल गए कफील ने जमानत पर बाहर आने के बाद भी अपने और परिवार पर खतरे की बात कही थी। बता दें कि गोराखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी से कई बच्चों के मरने के मामले में डॉ. कफील को दोषी मानकर जेल भेज दिया गया था। बाद में उनको हाई कोर्ट से जमानत मिल गई।
