गोरखपुर में बच्चों की मौत के मामले में डॉ. कफील को हाईकोर्ट से जमानत

पुष्पा सेल्स के मनीष भंडारी को भी पहले मिल चुकी है जमानत

 

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार को देश भर में झिंझोड़ने वाले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के केस में एक और आरोपी को जमानत दे दी गयी है. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 63 बच्चों की मौतों के केस में गिरफ्तार किये गए लोगों में एक आरोपी डॉ. कफील को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गयी है. गोरखपुर में पिछले साल अगस्त के महीने में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 63 मासूमों की मौत हो गई थी।

 

इन मौतों के लिए अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। मामले में पुलिस ने बच्चा विभाग के एचओडी डॉक्टर कफील को आरोपी माना था जिसके बाद से वह जेल में ही थे। आज (बुधवार) को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉक्टर कफील की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। बता दें कि इसके पहले भी डॉक्टर कफील ने निचली अदालत में जमानत याचिका डाली थी जिसे नामंजूर कर दिया गया था।

 

बता दें कि पिछले साल गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 63 बच्चों की मौत के लिए डॉक्टर कफील को आरोपी बनाया गया था। उन्हें 2 सितंबर को ही जेल भेज दिया गया था। डॉक्टर कफील पिछले आठ महीने से गोरखपुर जेल में बंद हैं। डॉ कफील पर 120 बी, 409, 308 समेत कई अन्य धारा में दर्ज है। इन पर आरोप यह भी था कि अस्पताल में आने वाली ऑक्सीजन अपने नर्सिंग होम में मंगवा लेता था. इसीलिये हादसे वाले दिन रात्रि में अपने नर्सिंग होम से ऑक्सीजन गैस के सिलिंडर अस्पताल मंगा कर बच्चों की जान बचाने की कोशिश की थी.

 

आपको बता दें कि इसके पहले मामले के एक अन्य आरोपी मनीष भंडारी को जमानत मिल चुकी है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले डॉ. कफील ने जेल से लिखे एक खत में खुद को बेगुनाह बताया था। इस खत में उन्होंने खुद की गिरफ्तारी को कि बड़े स्तर पर हुई प्रशासनिक नाकामी बताया था और कहा था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।