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शल्‍य चिकित्‍सा में सर्जन और एने‍स्‍थेटिस्‍ट दोनों की भूमिका महत्‍वपूर्ण

-विश्व एनेस्थीसिया दिवस के मौके पर केजीएमयू में कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डा0 बिपिन पुरी ने कहा कि शल्य चिकित्सा में एनेस्थीसिया का विशेष महत्व है। सर्जरी में सर्जन और एने‍स्‍थेटिस्‍ट दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

कुलपति ने यह बात केजीएमयू के ब्राउन हाल में निश्चेतना विभाग द्वारा विश्व एनेस्थीसिया दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप से सम्‍बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सर्जरी में एनेस्थीसिया के महत्पूर्ण योगदान, उपलब्धि और एनेस्थीसिया की जरूरतों के प्रति जागरुक करना है।

इस कार्यक्रम के अवसर पर गेस्ट स्पीकर प्रो0 जयश्री सूद, चेयरपर्सन, इंस्टीट्यूट ऑफ एनेस्थीसियोलोजी, सर गंगा राम हॉस्पिटल, नई दिल्ली ने एनेस्थीसिया के बारे में विस्तार से बताया एवं इसके महत्व को समझाया। उन्होंने कहा एनेस्थीसिया एक द्रव्य है। इसका इस्तेमाल सर्जरी से पहले मरीज को बेहोश करने के लिए किया जाता है। इससे मरीज को सर्जरी के दौरान दर्द महसूस नहीं होता है। मरीज को एनेस्थीसिया निश्चित समय के लिए दिया जाता है सर्जरी पूर्ण होने के पश्चात् समय पूरा होते ही मरीज की चेतना वापस आ जाती है।

इस कार्यक्रम के अवसर पर केजीएमयू के भूतपूर्व शिक्षक डा0 बी0 के0 सिंह, डा0 गिरीश चन्द्र ,एवं डा0 रजनी कपूर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रो0 उमा सिंह ,डीन, एकेडेमिक, प्रो0 जी0पी0 सिंह,  विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसियोलोजी डिपार्टमेंट , सी0एम्0एस0 प्रो0एस0 एन0 संखवार आदि शिक्षक गण उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो0 मोनिका कोहली द्वारा किया गया।

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