अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का हुर्रियत कॉन्‍फ्रेंस से इस्‍तीफा

-ऑडियो मैसेज के जरिये दी अपने फैसले की जानकारी

लखनऊ/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि हुर्रियत कॉन्‍फ्रेंस के मौजूदा हालात हो देखते हुए उन्‍होंने यह फैसला लिया है। अपने इस फैसले की जानकारी गिलानी ने एक आडियो मैसेज के जरिये देते हुए कहा है कि अपने इस फैसले के बारे में सभी को बता दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक छोटे से ऑडियो मैसेज में गिलानी ने कहा है कि ‘हु्र्रियत कॉन्फ्रेंस के मौजूदा हालात को देखते हुए मैंने हुर्रियत के सारे फॉर्म से अलग होने का फैसला किया है। फैसले के बारे में हुर्रियत के सारे लोगों को चिट्ठी लिखकर कर सूचना दे दी गई है.’

बता दें कि 90 साल के अलगाववादी नेता गिलानी की सेहत पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं चल रही थी। इस साल फरवरी में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती भी कराया गया था।


गिलानी हमेशा से विवादों में रहने वाले गिलानी के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी। उनके दिल्ली स्थित फ्लैट को जब्त कर लिया गया था, गिलानी का यह आवास दिल्‍ली के मालवीय नगर स्थित खिड़की एक्‍सटेंशन में है। इनकम टैक्स का आरोप है कि गिलानी ने 1996-97 और फिर 2001-02 के बीच कोई टैक्स नहीं भरा। आईटी डिपार्टमेंट के मुताबिक गिलानी पर 3.62 करोड़ से ज़्यादा का टैक्स बकाया था। यही नहीं साल 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने भी उन पर 14.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। करीब 6.88 लाख रुपये कुर्क किए गए थे। उनके खिलाफ अवैध रूप से विदेशी मुद्रा रखने का आरोप था।