Wednesday , January 26 2022

प्रत्‍येक रविवार आरोग्‍य स्‍वास्‍थ्‍य मेले के आदेश पर कर्मचारियों में रोष

-राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद की मांग, रविवार के अतिरिक्‍त किसी अन्‍य दिन का किया जाये निर्धारण 

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के विभिन्‍न संवर्ग के कर्मचारियों ने प्रत्‍येक रविवार को स्‍वास्‍थ्‍य मेला लगाये जाने का स्‍वागत करते हुए इसके दिन के निर्धारण पर अपना रोष जताया है, कर्मचारियों का कहना है कि प्रत्‍येक मेले के लिए रविवार का दिन निश्चित किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्‍याय होगा, क्‍योंकि साप्‍ताहित अवकाश जो रविवार को मिलता है, उस दिन कर्मचारी अपनी पारिवारिक दायित्‍वों का निर्वहन करते हैं, देखा जाये तो यह निर्णय कर्मचारियों के परिजनों को पीड़ा देने वाला होगा।

यह जानकारी देते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री ने कहा कि यह निर्णय जनहित में तो अच्‍छा कदम है लेकिन  परिषद की शासन से मांग है कि आरोग्य स्वास्थ्य मेले को रविवार की जगह किसी अन्य कार्यदिवस में आयोजित किया जाना चाहिये। अतुल मिश्रा ने बताया कि शासनादेश दिनांक 24 दिसम्बर द्वारा प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक रविवार को स्वास्थ्य मेला लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।

अतुल मिश्रा

उन्‍होंने बताया कि इस संबंध में जनपद शाखाओं से आ रही प्रतिक्रिया को देखते हुए आज परिषद की चिकित्सा स्वास्थ्य, शिक्षा व परिवार कल्याण के समस्त संगठनों के अध्यक्ष /महामंत्री के साथ बैठक सुरेश रावत की अध्यक्षता में बलरामपुर अस्पताल में आहूत की गई।  जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश मिश्र, संगठन प्रमुख के के सचान, उपाध्यक्ष सुनील यादव, उपाध्यक्ष एवं बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय तिवारी, प्रवक्ता एवं राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार, प्रयोगशाला सहायक संघ के महामंत्री बी के सिंह, मातृ शिशु कल्याण की महामंत्री मंशा सिंह, एन एच एम संविदा संघ के अध्यक्ष मयंक सिंह, एक्स रे एसोसिएशन के महामंत्री आर के पी सिंह, एल टी संघ के सुनील कुमार, कमल श्रीवास्तव, राजेश चौधरी, जिला अध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव , ऑप्टोमेट्रिस्ट संघ के अध्यक्ष सर्वेश पाटिल, डेन्टल हाइजिनिस्ट एसोसिएशन के डी डी त्रिपाठी,  फीजियोथेरेपी एसोसिएशन के महामंत्री अनिल कुमार आदि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संघों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश रविवार का होता है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल एक चिकित्सक, एक फार्मेसिस्ट, एक प्रयोगशाला सहायक की तैनाती होती है, वहीं नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में संविदा कर्मी तैनात हैं जिन्हें साप्ताहिक अवकाश रविवार को ही मिलता है। कर्मचारियों को सरकारी दायित्वों के साथ-साथ पारिवारिक दायित्वों का भी निर्वहन करना होता है। इसलिए मानव संसाधन की कमी को देखते हुए मेला रविवार की जगह किसी कार्यदिवस में आयोजित किया जाना उचित होगा। इसके पूर्व भी स्वास्थ्य मेले सफलतापूर्वक कार्य दिवसों में आयोजित किये जा चुके है।

परिषद के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सरकार द्वारा लिए गये इस निर्णय पर पुनर्विचार कर कार्य दिवस में आयोजित करने का निर्णय करे क्योंकि सरकार के इस निर्णय का दुष्प्रभाव कर्मचारी के परिवार को भुगतना पड़ेगा, इसलिए कर्मचारियों को सप्ताह में मिलने वाला साप्ताहिक अवकाश बच सके चूँकि जारी शासनादेश में इस अवकाश के बदले किसी अन्य कार्यदिवस में अवकाश देने की बात भी नहीं दी गई है जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त होना स्वाभाविक है।