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केजीएमयू में 6 जुलाई से प्रत्‍येक मंगलवार को चलेगी पोस्‍ट कोविड क्‍लीनिक

-रेस्‍पि‍रेट्री मेडिसिन विभाग में संचालित की जायेगी क्‍लीनिक : डॉ सूर्यकान्‍त

-कोविड के दौरान व बाद में हुए इलाज के परचे, जांच रिपोर्ट लाने की भी सलाह

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोविड-19 से ग्रस्त हो चुके बहुत से मरीज पोस्‍ट कोविड समस्‍याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे मरीजों के इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग में पोस्ट कोविड क्लीनिक की शुरुआत कल 6 जुलाई से हो रही है। यह क्‍लीनिक प्रत्‍येक मंगलवार को प्रातः 9:00 बजे से मध्यान्ह 12:00 बजे तक संचालित की जाएगी।

यह जानकारी देते हुए रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकांत ने बताया कि‍ कोविड के बाद रोगियों को कई-कई महीने तक विभिन्न समस्याएं बनी रहती है। इन सभी पोस्‍ट कोविड समस्‍याओं से ग्रस्‍त मरीजों के उपचार के लिए चलायी जाने वाली इस पोस्‍ट कोविड क्‍लीनिक में मरीजों को दिखाने के लिए केजीएमयू की वेबसाइट www.ors.gov.in या www.kgmu.org  या दूरभाष संख्या 0522 225 8880 फोन करके रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि कोविड संक्रमण के मद्देनजर और रोगी की सुविधा के लिए ऑनलाइन या फोन पर रजिस्‍ट्रेशन की व्‍यवस्‍था की गयी है लेकिन अगर पोस्‍ट कोविड परेशानियों को लेकर इमरजेंसी जैसी स्थिति है और वेबसाइट या दूरभाष पर रजिस्‍ट्रेशन नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में मरीज सीधे भी क्लीनिक पर सम्‍पर्क कर सकता है।

डॉ सूर्यकान्त

डॉ सूर्यकान्‍त ने बताया कि इस क्‍लीनिक में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के 10 चिकित्सक तथा आवश्यकतानुसार, न्‍यूरोलॉजी, वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग, मानसिक रोग विभाग तथा जनरल मेडिसिन विभाग के चिकित्‍सकों से भी मदद ली जाएगी। उन्‍होंने आशा जतायी कि पोस्‍ट कोविड समस्‍याओं से जूझ रहे मरीजों का समुचित इलाज हो सके इसके लिए रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत लाभदायक होगा।

डॉ सूर्यकान्‍त ने बताया कि अभी तक सभी रोगियों की पोस्ट कोविड समस्याओं के लिए ऑनलाइन डिजिटल कंसल्टेशन ई संजीवनी के माध्यम से परामर्श दिया जाता था। अब कोविड की स्थिति कम हो जाने के कारण इसे फिजिकली रूप से चलाया जाएगा। उन्‍होंने यह अपील की है कि क्‍लीनिक में दिखाने के लिए आने पर कोविड प्रोटोकॉल यानी 2 गज की दूरी, मास्क और हाथों की सफाई जैसे नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्‍होंने कहा है कि क्‍लीनिक में आने पर कोविड बीमारी के इलाज और उसके बाद हुए इलाज के सभी परचे, जांच रिपोर्ट जो भी हों, उन्‍हें लेकर आयें।