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भर्ती मरीजों को संक्रमण से बचाने में नर्सों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

-आरएमएलआई में आईसीयू में भर्ती होने के दौरान होने वाले संक्रमण पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी विभाग एवं इन्फेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल कमेटी द्वारा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के नेशनल मेडिकल कॉलेज नेटवर्क के तत्वावधान में नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय ‘Combating Healthcare Associated Infection: A Nurse’s Guide to VAP, CLABSI & CAUTI Prevention’ रहा। ज्ञात हो VAP, CLABSI और CAUTI अस्पताल में इलाज के दौरान विशेषकर आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान होने वाले गंभीर संक्रमण हैं, जो वेंटिलेटर, सेंट्रल लाइन और यूरिनरी कैथेटर जैसे मेडिकल उपकरणों के कारण फैलते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो० सी० एम० सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो सीएम सिंह ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण दर को न्यूनतम स्तर पर लाने में नर्सिंग अधिकारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सही प्रशिक्षण से हम गंभीर संक्रमणों से मरीजों का बचाव कर सकते हैं।

उचित सतर्कता से संक्रमण रोकना संभव

कार्यशाला की आयोजन अध्यक्ष एवं माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो० ज्योत्स्ना अग्रवाल ने अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि VAP (वेंटिलेटर-एसोसिएटेड निमोनिया), CLABSI (सेंट्रल लाइन-एसोसिएटेड ब्लडस्ट्रीम इंफेक्शन) और CAUTI (कैथेटर-एसोसिएटेड यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आईसीयू और वार्डों में होने वाले प्रमुख संक्रमण हैं, जिन्हें उचित सतर्कता से रोका जा सकता है।

SGPGIMS के क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं अतिथि वक्ता प्रो० अफजल अजीम ने लोहिया संस्थान के ऐनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं प्रो पीके दास की अध्यक्षता में नर्सों की भूमिका तथा मरीजों की देखभाल में उनके महत्व पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से आईसीयू में नर्सिंग अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त प्रो० तन्मय घटक ने लोहिया संस्थान के ऐनेस्थीसियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ० एसएस नाथ की अध्यक्षता में आईसीयू (I.C.U.) मरीजों की देखभाल तथा बंडल केयर अप्रोच के महत्व पर व्याख्यान दिया।

हैंड्स ऑन ट्रेनिंग

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में नर्सिंग अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) प्रदान किया गया, जिसका समन्वय SGPGIMS की एसएनओ (क्वालिटी सेल) जुइन दत्ता एवं RMLIMS की मुख्य नर्सिंग अधिकारी (CNO) सुमन सिंह ने किया। प्रशिक्षण सत्रों को तीन मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया। इसमें VAP प्रिवेंशन पर डॉ एसएस नाथ, डॉ आकांक्षा गुप्ता (सहायक प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी) एवं इन्फेक्शन कंट्रोल नर्स (ICN) सिस्टर शील भद्र व सिस्टर मेनका यादव ने, CLABSI प्रिवेंशन पर डॉ० मोहम्मद साकिब, डॉ० शिवा वर्मा (सहायक प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी) एवं आईसीएम सिस्टर मनीषा पासवान व सिस्टर सान्या सिंह ने तथा CAUTI प्रिवेंशन पर प्रो० मनोदीप सेन (प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी), डॉ० रिमझिम (सहायक प्रोफेसर) एवं आईसीएम प्रभारी सिस्टर स्मिता सिंह व सिस्टर अर्चना बाला शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव प्रो मनोदीप सेन (प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी) ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागी नर्सिंग अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में संस्थान के अनेक नर्सिंग अधिकारियों ने भाग लिया और प्रमाण पत्र प्राप्त किए।