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संचारी रोगों की रोकथाम के लिए उठाये जा रहे कदमों पर लगातार मॉनीटरिंग के निर्देश

-अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की विस्तार से समीक्षा

सेहत टाइम्स

लखनऊ। प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान की आज अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। बैठक में अभियान की प्रगति, विभागीय गतिविधियों तथा जनपदों में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जनपदों में स्वच्छता, साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, पेयजल की शुद्धता और मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। अभियान के तहत नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव की समस्या का समाधान, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव तथा जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचारी रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें। इसके साथ ही आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अपनाने, मच्छरों से बचाव करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया जाए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करते हुए नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान किए जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में विशेष सचिव रवि रंजन, धीरेन्द्र सचान, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, अपर निदेशकगण भौतिक रूप से और सभी जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े थे।