अब आमजन बनेंगे मुखबिर, रोकेंगे कन्या भ्रूण हत्या

मुख्यमंत्री ने किया ‘मुखबिर योजना’ का शुभारम्भ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि घटता हुआ लिंगानुपात आज समाज की एक ज्वलन्त समस्या है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा ‘मुखबिर योजना’ का शुभारम्भ किया गया है। घटते लिंगानुपात को रोकने के लिए जनजागरूकता व कानून की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने तथा बेटियों को उनका हक दिलाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना संचालित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंग परीक्षण करके बालिका भ्रूण हत्या रोकने का कार्य जन सहयोग के बिना सम्भव नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘मुखबिर योजना’ शुरू की है।

‘181’ महिला हेल्पलाइन के ‘64 रेस्क्यू वाहनों को भी दिखायी हरी झंडी

मुख्यमंत्री 24 जून को यहां अपने सरकारी आवास पर ‘181’ महिला हेल्पलाइन के ‘64 रेस्क्यू वाहनों के फ्लैग ऑफ’ तथा कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए ‘मुखबिर योजना’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी समृद्ध हो सकता है, जब समाज में स्त्री और पुरुष दोनों की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि लिंग चयन एवं लिंग चयन के पश्चात विशेष लिंग की भ्रूण हत्या के अवैध कार्य में संलिप्त व्यक्तियों, केन्द्रों, संस्थाओं की गोपनीय रूप से जांच की जाए तथा ऐसे व्यक्तियों, केन्द्रों, संस्थाओं को डिक्वॉय ऑपरेशन के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर दण्डित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से भ्रूण हत्या के सम्बन्ध में जनता से गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई करके उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा, जो तकनीक का दुरुपयोग भ्रूण का लिंग पता करके बेटियों को जन्म लेने से रोक रहे हैं।

मुखबिर योजना से भ्रूण हत्या करने वाले चिकित्सकों में भय पैदा होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुखबिर योजना’ में आम जनता का सहयोग प्राप्त होने से उन चिकित्सकों में भय पैदा होगा, जो बेटी के जन्म लेने से पहले ही भ्रूण हत्या करते हैं। इस योजना के कार्यान्वयन होने से घटते लिंगानुपात पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जनपदों में लिंगानुपात बहुत कम है वहां पर लघु फिल्म, लघु नाटक, गोष्ठियों आदि कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कृतसंकल्प है। कोई भी समाज बिना महिलाओं के योगदान के विकास नहीं कर सकता। इसके दृष्टिगत सत्ता में आते ही प्रदेश सरकार द्वारा एण्टी रोमियो स्क्वायड जैसे कई प्रभावी कदम उठाये गये हैं। महिलाओं को सम्मान देने वाला समाज ही प्रगति कर सकता है। महिलाओं को सुरक्षा व भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से गम्भीर है।
राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में स्थित केन्द्रीकृत कॉल सेण्टर के माध्यम से महिला हेल्पलाइन ‘181’ का संचालन किया जा रहा है। यह एक टोल-फ्री नम्बर है, जिस पर 24 घण्टे कॉल की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी पीडि़त महिला अथवा बालिका इससे सहायता प्राप्त कर सकती है। ‘181’ महिला हेल्पलाइन पर फोन करने वाली पीडि़ता को कॉल रिसीव होते ही तत्काल आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।

शेष 64 जिलों के लिए भी रेस्क्यू वैन सेवा का विस्तारीकरण

योगी ने कहा कि कॉल करने वाली पीडि़त महिला के सबसे नजदीक उपलब्ध जीपीएस युक्त रेस्क्यू वैन के माध्यम से ‘181’ हेल्पलाइन की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान करती है। इस वैन में एक प्रशिक्षित महिला परामर्शदाता के साथ-साथ एक महिला पुलिस आरक्षी भी तैनात रहती है, जो पीडि़त महिलाओं को विषम परिस्थितियों से बचाने व परामर्श देने का कार्य भी करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में 11 जनपदों में ‘181’ महिला हेल्पलाइन एवं रेस्क्यू वैन का संचालन हो रहा है। आज प्रदेश के शेष 64 जनपदों हेतु रेस्क्यू वैन सेवा का विस्तारीकरण किया गया है। अब इस सेवा से प्रदेश के सभी जनपद आच्छादित हो गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा का सम्पूर्ण प्रदेश में विस्तारीकरण के दृष्टिगत लखनऊ में संचालित केन्द्रीकृत कॉल सेण्टर की क्षमता 6 सीटर से बढ़ाकर 30 सीटर कर दी गयी है, जिसकी सहायता से सम्पूर्ण प्रदेश से आने वाली टेलीफोन कॉल्स के आधार पर तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा सकेगी।

मुखबिर को मिलेगी दो लाख तक की प्रोत्साहन राशि

महिला कल्याण एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लिंगानुपात की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा भ्रूण हत्या के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से आम जनता से भी सूचना प्राप्त की जाएगी। इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। मुखबिर योजना से पीसीपीएनडीटी अधिनियम को और प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गोपनीय सूचना देने वाले को 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी, साथ ही, सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति बेहद गम्भीर है। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री मोहसिन रजा, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव ओलख, महिला कल्याण राज्य मंत्री स्वाती सिंह व प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।