Wednesday , September 16 2026

बैठना-खड़े होना, चलना-फिरना सही मुद्रा में करिये, बचे रहेंगे रीढ़ व जोड़ों की कई समस्याओं से

-बोन एवं जॉइंट सप्ताह पर आरएमएलआई में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। बोन एवं जॉइंट सप्ताह के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआई), लखनऊ के अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक्स) विभाग द्वारा आमजन में हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रभात ने सही शारीरिक मुद्रा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि दैनिक जीवन में बैठने, खड़े होने तथा चलने-फिरने की सही आदतें अपनाकर रीढ़ एवं जोड़ों से संबंधित अनेक समस्याओं से बचा जा सकता है।

संतुलित एवं पौष्टिक आहार

संस्थान के निदेशक प्रो. सी. एम. सिंह ने अपने संबोधन में संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव हड्डियों एवं संपूर्ण स्वास्थ्य को दीर्घकाल तक स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने स्वस्थ भोजन की आदतों तथा आंतों के स्वास्थ्य और हड्डियों के स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वस्थ पाचन तंत्र शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में सहायक होता है, जिससे हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं।

कार्यस्थल पर बैठने के टिप्स

अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि विभाग में प्रतिदिन आने वाले मरीजों को हड्डियों एवं जोड़ों की बीमारियों की रोकथाम, सही जीवनशैली तथा उपचार के साथ-साथ नियमित परामर्श प्रदान किया जाता है, जिससे वे स्वस्थ जीवन जी सकें। डॉ. विनीत कुमार ने कार्यालय में कार्य करने वाले लोगों के लिए ऑफिस एर्गोनॉमिक्स के महत्व को समझाते हुए सही बैठने की स्थिति, कार्यस्थल की उचित व्यवस्था तथा नियमित अंतराल पर व्यायाम एवं स्ट्रेचिंग करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. स्वागत महापात्रा द्वारा अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वहीं डॉ. पंकज अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को हड्डियों एवं जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ सरल एवं प्रभावी व्यायामों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिन्हें दैनिक जीवन में आसानी से अपनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में हड्डी रोग विभाग के अन्य संकाय सदस्य, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में मरीजों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने सभी से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने तथा हड्डियों एवं जोड़ों की समस्याओं के प्रति समय रहते जागरूक रहने का आह्वान किया।