Thursday , December 2 2021

मतलब निकल जाने के बाद अस्‍पताल के लोगों को पहचानेगा नहीं लोहिया संस्‍थान !

सिर्फ एक साल की तैनाती स्‍वीकार नहीं करेंगे कर्मचारी, आक्रोश, विरोध प्रदर्शन 

लखनऊ। लोहिया इंस्टीट्यूट में लोहिया अस्पताल के विलय की औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद इंस्टीट्यूट प्रशासन ने अस्पताल के चिकित्सक को छोड़कर समस्त संवर्ग के कर्मचारियों के लिए पत्र भेजा है कि विलय उपरांत 31 मार्च 2020 तक सभी कर्मचारी इंस्टीट्यूट में सेवाएं दे सकते हैं, उसके बाद इंस्टीट्यूट द्वारा नियुक्त कर्मचारी व्यवस्था संभाल लेंगे। इंस्टीट्यूट प्रशासन का यह पत्र, अस्पताल कर्मचारियों को नागवार गुजरा है, कर्मचारी चाहते हैं कि अस्पताल के साथ उन्हें भी इंस्टीट्यूट में मर्ज किया जाये। इसके लिए सभी कर्मचारी एकजुट होकर 29 अक्टूबर से काला फीता बांधकर प्रदर्शन कर रहें हैं, और 10 नवम्‍बर से दो घंटे का कार्य बहिष्‍कार भी करेंगे।

 

लोहिया अस्पताल में चिकित्सकों को छोड़कर अन्य समस्त कर्मचारी और फार्मासिस्ट काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  लोहिया कर्मचारी अस्तित्व बचाओ मोर्चा के कर्मचारी नेता राजेश शुक्ल ने बताया कि सभी कर्मचारियों की मांग है कि विलय के साथ ही उन सभी कर्मचारियों को समान पद पर इंस्टीट्यूट में नियुक्त किया जाये, केवल एक साल तक सेवाएं नहीं देगे। कर्मचारियों का कहना था कि उन लोगों ने संस्थान प्रशासन से लेकर आलाधिकारियों तक मांग की है मगर कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है,  इसलिए हम लोग आन्दोलन के लिए मजबूर हैं।

 

मोर्चा के अध्यक्ष देश दीपक त्रिपाठी ने कहा कि अस्पताल को इंस्टीट्यूट में विलय करने की कयावद कई वर्षो से चल रही है। सरकार ने मंजूरी दे दी है और औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। अस्पताल के चिकित्सकों को संस्थान में आने का प्रस्ताव दिया गया है, मगर हम कर्मचारियों के लिए 31 मार्च 2020 तक सेवाएं देने का प्रस्ताव भेजा है, कहा जा रहा है कि शुरुआती दौर में आने वाली समस्याओं का निराकरण हम अपने अनुभव व मेहतन से करें और स्थितियां सामान्य होते ही हम लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, ऐसा नहीं होने देंगे। अस्पताल के फार्मासिस्ट संवर्ग,  तृतीय श्रेणी कर्मचारी,  चतुर्थ श्रेणी और संविदा कर्मचारियों ने विलय के साथ खुद को प्रतिस्थापित करने की मांग की,  मगर कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है। हम लोगों संस्थान में जाना चाहते हैं, इसके लिए जल्द निर्णय किया जाये, अन्यथा हम लोगों का आन्दोलन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन में प्रदीप नायक,  मंजू सिंह, फार्मासिस्ट एपी सिंह, अनिल चौधरी व राजेश शुक्ल समेत सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।