Wednesday , July 6 2022

लखनऊ, नोएडा और कानपुर शहर को सेनिटाइज करने के निर्देश

-अस्‍पतालों में ओपीडी सेवायें बंद, सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीज देखे जायेंगे
-सभी स्‍कूल, कॉलेज पूरी तरह से बंद करें, टीचर्स व अन्‍य स्‍टाफ भी 2 अप्रैल तक न आयें

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई स्थिति के बाद इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई निर्देश दिए हैं इन निर्देशों में सभी अस्पतालों में ओपीडी निरस्त करते हुए सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीजों को देखने के निर्देश के साथ ही लखनऊ, नोएडा और कानपुर को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए हैं।

ज्ञात हो गायिका कनिका कपूर के पॉजिटिव आने के बाद उसके द्वारा लखनऊ और कानपुर में अनेक लोगों से मिलने की बात सामने आ रही है। इस दौरान उसके लखनऊ के होटल ताज में रुकने और कानपुर में एक अपार्टमेंट में रहने वाले अपने रिश्‍तेदार के घर जाने की बात भी सामने आयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है, उन्होंने कहा इसके दृष्टिगत केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों के क्रियान्वयन में जन सहयोग की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने सभी धर्माचार्यों एवं धर्म गुरुओं से कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए विभिन्न धर्मगुरुओं द्वारा इस संबंध में की गई पहल का स्वागत किया है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी हवाई अड्डों रेलवे स्टेशनों तथा बस अड्डों सहित राज्य की सीमा पर सघन चेकिंग सुनिश्चित की जाए, उन्होंने सभी मॉल्स को बंद करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा सभी धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मांगलिक गतिविधियों/कार्यक्रमों को 2 अप्रैल तक स्थगित करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। मुख्‍यमंत्री ने कहा है कि वैवाहिक कार्यक्रमों में आमंत्रित लोगों की संख्या को 10 तक सीमित रखने का प्रयास करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास विभाग लखनऊ, नोएडा एवं कानपुर शहर को सैनिटाइज करने के लिए शहरी इलाकों में नियमित फागिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराए, उन्‍होंने स्कूलों तथा कॉलेजों को पूरी तरह से बंद करने के निर्देश देते हुए कहा है कि स्कूलों तथा कॉलेज के प्रिंसिपल तथा प्रबंधक यह सुनिश्चित करें कि 2 अप्रैल तक प्रिंसिपल, शिक्षकगण एवं गैर शिक्षण स्‍टाफ विद्यालय न आए।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद्यान्न सहित रोजमर्रा के इस्तेमाल की सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी, कालाबाजारी न हो पाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि खरीदारी के दौरान लाइनें ना लगे तथा कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्‍लब्‍स का इस्तेमाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के संस्थानों एवं नियोक्‍ताओं को इसके लिए प्रेरित किया जाए कि जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने इस व्यवस्था को सरकारी विभागों एवं संस्थानों में भी आवश्यकता अनुसार लागू कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तहसील दिवस, समाधान दिवस, मुख्यमंत्री आरोग्य मेला तथा जनता दर्शन का आयोजन 2 अप्रैल तक स्थगित रहेगा। उन्होंने पुलिस को पूरे प्रदेश में व्यापक पेट्रोलिंग करने के निर्देश देते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी स्थल पर लोग इकट्ठा न हों, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में केवल आकस्मिक सेवा प्रदान की जाए, 31 मार्च तक गैरजरूरी ओपीडी व जांच को स्थगित रखा जाए, जिससे कि अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ न हो।