-केजीएमयू के प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव विभाग के स्थापना दिवस पर व्याख्यान

सेहत टाइम्स
लखनऊ। दुर्घटना में यदि हड्डी टूटने के साथ ही मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचा है तो इमरजेंसी में होने वाले उपचार के समय हड्डी रोग विशेषज्ञ के साथ प्लास्टिक सर्जन भी इलाज करें तो परिणाम बहुत अच्छे आते हैं।
यह बात गुरुवार को केजीएमयू के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव विभाग के 45वें स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित प्रोफेसर आर एन शर्मा स्मृति ‘ऑर्थोप्लास्टिक अप्रोच टू लिम्ब ट्रॉमा मैनेजमेंट’ विषय पर व्याख्यान देते हुए अमृतसर से आए सीनियर प्लास्टिक सर्जन डॉ रवि महाजन ने कही। उन्होंने बताया कि हड्डी जोड़ने के बाद हड्डी को ढंकने के लिए ग्राफ्टिंग की जानी आवश्यक होती है और यह सर्जरी यदि समय रहते हो जाती है तो इसके परिणाम बेहतर मिलते हैं।
केजीएमयू के ब्राउन हॉल में हुए इस समारोह में प्रोफेसर एसके भटनागर स्मृति व्याख्यान में ब्रेकियल प्लेक्सस सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए हल्द्वानी के ब्रेकियल प्लेक्सस सर्जन ब्रिगेडियर प्रोफेसर पी एस भंडारी ने बताया कि आजकल युवाओं में मोटरसाइकिल का क्रेज अधिक होता है इसमें दुर्घटनाएं भी होती हैं, इन दुर्घटनाओं में कई मरीजों में कंधा व हाथ उखड़ जाता है। उन्होंने बताया कि जागरूकता के अभाव में मरीज फिजियोथेरेपी कराते रहते हैं और कई बार ऐसा होता है कि समय के साथ उस हाथ की ताकत समाप्त हो जाती है और हाथ काम करना बंद कर देता है।


इस बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि स्पाइनल कॉर्ड से हाथों में पांच नसें होती हैं, इनमें से अगर दो से तीन नसें ही उखड़ी हैं, तो उन्हें दो-तीन माह में ही माइक्रो सर्जरी से सामान्य बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पांचों नसें भी उखड़ गई हैं तो भी उन्हें बहुत हद तक ठीक करके लकवा ग्रस्त होने से बचाया जा सकता है।
इससे पूर्व प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बृजेश मिश्रा ने विभाग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विगत दो वर्षों में हुए कार्यों की जानकारी दी। समारोह के मुख्य अतिथि केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ बिपिन पुरी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए के सिंह, प्रति कुलपति डॉ विनीत शर्मा उपस्थित रहे। इस मौके पर विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष व चिकित्सकों तथा प्लास्टिक सर्जरी विभाग के सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों तथा स्वर्गीय प्रोफेसर एसके भटनागर की पत्नी अर्चना भटनागर व लखनऊ शहर के सबसे सीनियर प्लास्टिक सर्जन प्रोफेसर एस डी पांडे को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ सुजीत भट्टाचार्य, डॉ राजीव अग्रवाल, डॉ अंकुर भटनागर, डॉ राजकुमार मिश्रा सहित कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
