Wednesday , November 30 2022

सुकून तो मिल रहा है लेकिन साथ ही मिल रहे हैं 50 तरह के कैंसर तत्‍व

-तम्‍बाकू मुक्‍त अभियान पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने रखे अपने-अपने विचार

 

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। क्‍या आप जानते हैं जिस तम्‍बाकू को लोग अपने आपको सुकून देने के लिए खाते हैं वह तम्‍बाकू भविष्‍य में सिर्फ खाने वाले का ही नहीं बल्कि उसके परिवार का भी सुकून छीनने का कारण बनेगी। सिर्फ सुकून ही नहीं बल्कि उस व्‍यक्ति का जीवन छीनकर हमेशा के लिए उसके परिजनों को दर्द दे जायेगी, इसलिए बेहतर यही है कि जितनी जल्‍दी यह बात तम्‍बाकू खाने वाला व्‍यक्ति समझ जाये उतना ही अच्‍छा है।

यह बात केजीएमयू के पल्‍मोनरी विभाग के विभागाध्‍यक्ष डॉ सूर्यकांत ने यहां तम्‍बाकू मुक्‍त लखनऊ अभियान और राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में यहां स्थित होटल इंडिया अवध में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान व्‍यक्‍त किये। मल्टी स्टेक होल्डर्स की इस कार्यशाला में डॉ सूर्यकांत ने बताया कि तम्बाकू में 7000 तरह से रासायनिक तत्व पाए जाते हैं जिनमें से 50 रासायनिक तत्‍व ऐसे होते हैं जिनके चलते कैंसर होता है।

उन्‍होंने कहा कि हमारे देश में 15 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों में हर तीसरा व्‍यक्ति किसी न किसी रूप से तम्बाकू का सेवन करता है। उन्‍होंने कहा कि तम्‍बाकू की काली छाया सिर्फ भारत में ही नहीं विश्‍व में भी है और सम्‍पूर्ण विश्‍व में हर साल 80 लाख और भारत में करीब 10 लाख लोग तम्‍बाकू के कारण काल के गाल में समा जाते हैं।

 

इस मौके पर डॉ चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य महानिदेशक डॉ ज्ञान प्रकाश ने कहा कि तम्बाकू हमेशा से ही एक भयावह परिणाम देता रही है, लेकिन अफसोस है कि इसके बावजूद इस पर प्रभावी रोकथाम नहीं लग पाती है। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग निश्चय ही इस तम्बाकू के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा। उन्‍होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि तम्बाकू मुक्त लखनऊ अभियान और नगर निगम ने तम्बाकू की बिक्री के लिए वेंडर लाइसेंस पालिसी को लागू किया है जिससे निश्चित ही इस पर रोक लग सकती है।

राष्‍ट्रीय तम्‍बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के डॉ आलोक कुमार ने कार्यशाला में कहा कि तम्बाकू बहुत घातक है इसपर प्रभावी रोक के लिए स्टेट टोबैको सेल कार्य कर रहा है लेकिन हीलाहवाली से इस पर बढ़िया परिणाम नहीं मिल पाते हैं। स्‍टेट कोऑर्डिनेटर डॉ विनय गुप्ता ने बताया कि तम्बाकू से मुक्ति के लिए क्लीनिक चलाई जा रही है, जबकि लोगों को हर जगह समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

गैर संचारी रोगों के जनरल मैनेजर ए बी सिंह ने बताया कि तम्बाकू बहुत हानिकारक है और इस विषय को लेकर बड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्‍होंने कहा कि तम्बाकू मुक्त लखनऊ अभियान और विनोबा सेवा आश्रम ने जिस तरह से नगर निगम के सहयोग से तम्बाकू बिक्री को लेकर वेंडर पालिसी शुरू की है, वह निश्चित रूप से काबिले तारीफ है। कार्यशाला को तम्‍बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के सलाहकार डॉ सतीश त्रिपाठी ने भी सम्‍बोधित किया।