Sunday , November 28 2021

अयोध्‍या से आयी धर्म ध्‍वजा लगाकर धूमधाम से मनाया गया चित्रगुप्‍त धाम का स्‍थापना दिवस

-कैबिनेट मंत्रियों ब्रजेश पाठक, सिद्धार्थ नाथ सिंह भी उपस्थित हुए समारोह में

-कायस्‍थ फाउंडेशन ट्रस्‍ट ने सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन कर मनाया समारोह

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कायस्‍थ फाउंडेशन ट्रस्‍ट द्वारा राजधानी लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर के सामने झूलेलाल वाटिका स्थित भगवान श्री चित्रगुप्त धाम का स्थापना दिवस 6 सितंबर को सायं 4 बजे से सोशल डिस्टेंस के साथ मनाया गया। भगवान श्री चित्रगुप्त घाट पर लखनऊ की जीवनदायिनी मां गोमती की भव्य आरती हुई।

कार्यक्रम के संयोजक दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि स्थापना दिवस पर भगवान श्री चित्रगुप्त कथा, सभी के कल्याण के लिए पूजन, हवन, आरती हुई। उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, महापौर संयुक्ता भाटिया, संरक्षक आलोक रंजन, स्माइल मैन सर्वेश अस्थाना, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, नैमिष मठ के प्रमुख स्वामी त्रिदंडी जी महाराज उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक एवम कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कोरोना काल में समाज सेवा करने वाले कर्मयोद्धा डॉ जे पी श्रीवास्तव, ब्रजेश श्रीवास्तव, नृपेंद्र एडवोकेट, डॉ सरिता श्रीवास्तव, डॉ ज्योत्सना श्रीवास्तव, अनिल कुमार एडवोकेट आदि को सम्मानित किया। उन्‍होंने सभी को भगवान श्री चित्रगुप्त धाम के स्थापना दिवस की बधाई दी।  मंदिर में फूलों, गुब्बारों से सजावट हुई। भगवान श्री चित्रगुप्त मंदिर अयोध्या से प्राप्त धर्म ध्वजा भी लगवाई गयी। भगवान श्री चित्रगुप्त जी को देशी घी का हलवा,पांच प्रकार के फल,मिष्ठान्न का भोग लगाया गया। प्रसाद में कलम भी वितरित किया गया।

कायस्थ फाउंडेशन ट्रस्‍ट के अध्यक्ष दिनेश चंद श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। ट्रस्‍ट के महामंत्री मनोज डिंगर ने बताया कि गंगा जल, दूध से भगवान को स्नान भी कराया। भगवान श्री चित्रगुप्त धाम का स्थापना दिवस का दिन हम सभी भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह व स्वामी त्रिदंडी जी महाराज की गरिमामय उपस्थिति में लखनऊ की जीवनदायिनी मां गोमती की भव्य आरती भगवान श्री चित्रगुप्त घाट पर हुई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कीर्ति चौधरी, अरविंद श्रीवास्तव, विवेक श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव आदि रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve − one =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.