कोविड कहर : उपचार और बचाव दोनों पर योगी ने दिये बड़े निर्देश

-कहा- आईसीयू और नॉनआईसीयू वाले दो-दो हजार बेड बढ़ायें

-धार्मिक स्‍थलों में एक समय में पांच से ज्‍यादा लोग न जाने दें

-तीन प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को बनाया कोविड डेडीकेटेड हॉस्पिटल

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने चिंता जताते हुए तत्‍काल प्रभाव से कम से कम दो हजार आईसीयू बेड की व्‍यवस्‍था करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इसके बाद अगले एक सप्‍ताह में दो हजार और बेड कोविड मरीजों के लिए तैयार किये जायें। मुख्‍यमंत्री ने कमान्‍ड कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, तथा वहां उपस्थि‍त अधिकरियों को आवश्‍यक दिशा निर्देश दिये।

मुख्‍यमंत्री द्वारा बैठक कर अधिकारियों को ये निर्देश देते हुए कहा गया है कि लखनऊ में धर्मस्‍थलों पर 5 से ज्‍यादा लोगों को एक समय में जाने पर रोक लगाने को कहा है। माना जा रहा है कि आगामी 13 अप्रैल से नवरात्रि और 14 अप्रैल से रमजान शुरू हो रहा है, इसी के मद्देनजर मुख्‍यमंत्री ने ये निर्देश दिये हैं। ज्ञात हो लखनऊ में सर्वाधिक केस बढ़ रहे हैं। इसी लिए मुख्‍यमंत्री उपचार से लेकर सावधानी के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।।  

मुख्यमंत्री ने कहा है कि लखनऊ में कोरोना के उपचार के लिए एल-2 एवं एल-3 के पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। इसके साथ ही उन्‍होंने जिलाधिकारी को सभी अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई निरंतर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये।  

मुख्‍यमंत्र ने एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज तथा इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज को पूर्ण रूप से डेडीकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित करने के लिए कहा है। इससे पूर्व बलरामपुर अस्पताल में 300  बेड का डेडीकेटेड कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश दिये गये थे, इसके अनुपालन में रविवार (11 अप्रैल) को सुबह से अस्‍पताल शुरू हो जायेगा।

डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में परिवर्तित किए जा रहे तीनों मोडिकल कॉलेजों तथा बलरामपुर चिकित्सालय में ट्रेंड मैनपावर की व्यवस्था के साथ ही वेंटीलेटर एवं एचएफएनसी की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

उन्‍होंने बाजारों में व्यापारियों से संवाद बनाकर उनका सहयोग लेते हुए  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देश भी दिये हैं। इसके साथ ही मास्क का प्रयोग न करने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई करते हुए कहा है कि लेकिन यह कार्रवाई सद्भावपूर्ण एवं प्रेरक होनी चाहिए। इसके अतिरिक्‍त मुख्‍यमंत्री ने लखनऊ में कंटेनमेन्ट जोन में आवागमन को प्रतिबन्धित करने के साथ ही सभी पुलिस, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता कर्मियों के लिए भी आवश्यक रूप से मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करने के निर्देश दिये हैं, उन्‍होंने कन्‍टेन्‍मेंट जोन में पीपीई किट का प्रयोग अनिवार्य करने के लिए कहा।