Saturday , October 16 2021

मात्र दो मिनट में मुंह से लेकर गले तक की गंदगी साफ करता है घर पर तैयार यह चूर्ण

-राजकीय तकमिल उत्तिब कॉलेज एवं हॉस्पि‍टल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मनीराम ने बताया कोविड काल में है महत्‍वपूर्ण

डॉ मनीराम सिंह

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। राजकीय तकमिल उत्तिब कॉलेज एवं हॉस्पि‍टल लखनऊ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मनीराम सिंह ने सलाह दी है कि जैसा कि आप जानते हैं की फिटकरी एक अति प्राचीन खनिज लवण है जो सदियों से चिकित्सा क्षेत्र में कई प्रकार से औषधि द्रव्य के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है। अकरकरा व लौन्ग के साथ मिलाकर इसके चूर्ण का उपयोग करने से ओरल कैविटी को साफ रखने में इसकी एक अहम भूमिका हो सकती है।

ज्ञात हो कि यूनानी चिकित्सा में मिजाज की एक अहम भूमिका होती है, यूनानी तिब (चिकित्‍सा) के अनुसार उक्त तीनों द्रव्यों का मिजाज गर्म-खुश्क है जो मुंह और गले आदि को खुश्‍क रखने में मददगार होगा। कोरोना कालखंड में अन्य उपायों के साथ-साथ मुंह व गले आदि को साफ-सुथरा रखने में यह चूर्ण कारगर साबित हो सकता है। इस कालखंड में अपने अनुभव को साझा करते हुए डॉ सिंह आगे बताते हैं कि मैं स्‍वयं इसका प्रयोग करता हूं, खासतौर से जब बाहर से घर आता हूं। डॉ सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी काल में वे अपनी निरंतर चिकित्‍सा सेवा दे रहे हैं तथा उनकी दिनचर्या में सुबह हल्का-फुल्का योग अभ्यास के बाद लेमनग्रास का एक कप काढ़ा और सात्विक भोजन के साथ ही रात्रि में जल्दी सोना आदि भी शामिल है। उन्‍होंने कहा कि मुझे लगता है कि यही वजह है कि अभी तक संक्रमण से मैंने अपने आप को बचा रखा है।

उन्‍होंने अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित किये गये कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। मास्‍क का प्रयोग, दो गज की दूरी और समय-समय पर हाथों को सैनिटाइजर या साबुन से साफ करते रहें। वैक्‍सीनेशन करा चुके लोगों को भी चाहिये कि वे ऊपर बताये गये बचाव के सभी साधनों को अपनाते रहें।  

चूर्ण तैयार करने की विधि

चूर्ण को तैयार करने के लिए अकरकरा 50 ग्राम, लौंग 25 ग्राम  लेकर इसे कूट लें इसके बाद 12.5 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को पीस लें फि‍र तीनों चीजों को मिलाकर चूर्ण बना लें।

फि‍टकरी की शोधन विधि

उन्‍होंने बताया कि फि‍टकरी के शोधन के लिए फि‍टकरी को भूना जाता है, इसके लिए उसे तवे, कढ़ाई आदि पर धीमी आंच में तब तक पकायें जब तक उससे भाप निकलना बंद न हो जाये।

प्रयोग करने की विधि

डॉ मनीराम ने बताया कि तैयार चूर्ण को मुंह में एक चुटकी डाल लें और एक से दो मिनट तक मुंह में ऐसे ही रखे रहें, इस अवधि में मुंह में कुल्‍ला बन जायेगा, इसके बाद उसे थूक दें, इससे सारी गंदगी बाहर निकल जायेगी।

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