-फैकल्टी, कर्मियों और पेंशनर्स की संख्या बढ़ चुकी है, मौजूदा आठ बेड पर्याप्त नहीं : कर्मचारी महासंघ

सेहत टाइम्स
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) कर्मचारी महासंघ ने संस्थान के निदेशक को ज्ञापन देकर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कर्मचारियों, फैकल्टी सदस्यों और उनके आश्रितों के लिए आरक्षित बेड की संख्या 8 से बढ़ाकर 30 किए जाने की मांग की है।
महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में आकस्मिक स्थिति में संस्थान के कर्मचारियों के त्वरित उपचार के लिए इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के ग्रीन जोन में केवल आठ बेड आरक्षित हैं। पिछले कुछ वर्षों में संस्थान में विभिन्न संवर्गों में बड़ी संख्या में नियमित भर्तियां हुई हैं, जिससे कर्मचारियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ी है, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की अधिक आवश्यकता पड़ती है।
खाली पड़े वार्ड को आरक्षित करने का सुझाव
महासंघ ने बताया कि कर्मचारियों और उनके आश्रितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं रह गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में ग्रीन जोन के सामने एक पूरा वार्ड वर्तमान में खाली पड़ा है। यदि इस वार्ड को कर्मचारियों के लिए आरक्षित कर दिया जाए तो एक ही स्थान पर आसानी से 30 बेड उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
कर्मचारी महासंघ ने निदेशक से मांग की है कि कर्मचारियों, फैकल्टी सदस्यों और उनके आश्रितों को आपातकालीन स्थिति में बिना विलंब भर्ती कर बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए आरक्षित बेड की संख्या 8 से बढ़ाकर 30 की जाए। महासंघ ने विश्वास जताया कि इससे संस्थान के कर्मचारियों और उनके परिवारों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगी।

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