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मानकों की अनदेखी फिर पड़ी भारी ! अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत

-मृतक के परिजनों को पांच लाख व घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया योगी आदित्यनाथ ने

-हाईलेवल मीटिंग बुलाकर मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश, दो सदस्यीय समिति से सात दिन में मांगी रिपोर्ट

सेहत टाइम्स

लखनऊ। पूर्व की घटनाओं से सबक न लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही एक बार फिर भारी पड़ गयी और 15 छात्र काल के गाल में समा गये। घटना आज 22 जून को दोपहर लगभग दो बजे अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुई, जहां शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने से 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र घायल हो गये। हृदय विदारक घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना अलीगढ़ का दौरा रद कर सीधे घटनास्थल का रुख किया बाद में वे ट्रॉमा सेंटर भी पहुंचे, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल लिया। देर रात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लखनऊ पहुंचे और हादसे का जायजा लिया।

घटना को लेकर नाराजगी जताने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इस विशेष जांच दल में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग तथा दूसरे सदस्य प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन हैं। जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिये गये हैं। सीएम आवास में बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है।

फायर विभाग और जिला प्रशासन को गंभीर होने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। सीएम ने शोक संतप्त परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है, दोषी किसी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सीएम ने कहा कि फायर विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों को गंभीर होना होगा, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में ना हों। सीएम योगी ने पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।

14 दमकल गाडि़यों ने दो घंटे में बुझायी आग

घटना के बारे में जानकारी मिली है कि शॉर्ट सर्किट से एयर कंडीशन में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इसकी विकरालता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि दमकल की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं, जिन्हें आग बुझाने में दो घंटे लगे। बताया जाता है कि हादसे के समय कुछ छात्रों ने आग से बचने के लिए अपने को बाथरूम में बंद कर लिया जबकि कुछ छात्र जान बचाने के लिए उपरी मंजिल से नीचे कूद पड़े। घायलों को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उनका इलाज शुरू किया गया, केजीएमयू प्रशासन के अनुसार छह घायल छात्रों गौरव कुमार, भुवन श्रीवास्तव, अभिषेक, शैलेन्द्र, पंकज गोस्वामी और पंकज जोशी ने भर्ती होने से इनकार कर दिया जबकि भर्ती लवप्रीत और जयंत का इलाज चल रहा है।

दोषी किसी भी हालत में बचेंगे नहीं : ब्रजेश पाठक

ट्रॉमा सेंटर पहुंचे ब्रजेश पाठक ने कहा कि जो भी इस घटना में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी का पोस्टमार्टम आज रात ही किया जाएगा। ज्ञात हो अलीगंज लखनऊ का प्रमुख आवासीय और व्यवसायिक इलाका है, इस इलाके में बड़ी संख्या में कोचिंग और इस तरह के संस्थान हैं। जिस बिल्डिंग में आग लगी है उस समय भी वहां कोचिंग चल रही थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।